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महिला आरक्षण बिल को लेकर CM योगी का विपक्ष पर करारा हमला, बोले- बिल रोकना नारी शक्ति के खिलाफ साजिश, INDI गठबंधन ने किया पाप

CM Yogi: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षण संशोधन बिल गिरने पर विपक्ष को 'नारी विरोधी' बताया है। उन्होंने इसे देश की महिलाओं के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया।

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लखनऊ में योगी आदित्यनाथ ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

Photo : Times Now Digital

Yogi Adityanath: लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के बाद भारतीय राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए इसे 'नारी विरोधी' कृत्य और देश की आधी आबादी के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया है।

"विपक्ष के इस 'पाप' को माफ नहीं करेंगी महिलाएं"

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून में संशोधन को रोकना विपक्ष की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कांग्रेस और 'INDI' गठबंधन के घटक दलों, सपा, राजद, टीएमसी और डीएमके को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "विपक्ष का यह आचरण महिला विरोधी है। देश की महिलाएं इस अपमान को कभी माफ नहीं करेंगी।" सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्र और समाज के हित में उठाए गए हर कदम को रोकना विपक्ष का स्वभाव बन गया है। उन्होंने इसे नारी शक्ति के सशक्तिकरण के रास्ते में एक बड़ा रोड़ा बताया।

सपा और धर्म आधारित आरक्षण पर घेरा

समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग करना असंवैधानिक है। उन्होंने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने धर्म के आधार पर आरक्षण का कड़ा विरोध किया था। इसके साथ ही उन्होंने शाह बानो केस और तीन तलाक कानून का उदाहरण देते हुए कांग्रेस की मंशा पर भी सवाल उठाए।

अन्नपूर्णा देवी ने 17 अप्रैल को बताया 'काला दिन'

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए 17 अप्रैल को महिला सशक्तिकरण के इतिहास का 'काला दिन' बताया। उन्होंने कहा, "जब देश की करोड़ों महिलाएं संसद की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही थीं, तब विपक्ष की संकुचित मानसिकता ने उनके भरोसे को तोड़ दिया।"

संसद में क्या हुआ?

शुक्रवार को लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक (2026) पेश किया गया था। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। हालांकि बहुमत सरकार के पक्ष में था, लेकिन संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण यह बिल गिर गया। इसके साथ ही सरकार को परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक भी वापस लेने पड़े।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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