शहर

UP : 22 दिन और दो भाइयों की रहस्यमयी मौत, क्या है सपा विधायक हाकिम लाल बिंद का रोल? विधायक समेत 5 लोगों पर FIR

प्रयागराज पुलिस ने आरोपियों पर धमकी देने और दोनों भाइयों की हत्या की साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों घटनाओं के बीच महज 22 दिनों का अंतर है, जिससे मामला और भी संदिग्ध माना जा रहा है।

Image

विधायक हाकिम लाल बिंद

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में 22 दिनों के भीतर दो सगे भाइयों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के हंडिया विधायक हाकिम लाल बिंद समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों पर धमकी देने और दोनों भाइयों की हत्या की साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, गंगा नगर जोन के हंडिया थाना क्षेत्र स्थित बनपुरवा गांव में पहले छोटे भाई का शव 11 जून को पेड़ से लटका मिला था। इसके बाद 3 जुलाई को बड़े भाई सुशील का शव भी फंदे से लटका हुआ बरामद हुआ। दोनों घटनाओं के बीच महज 22 दिनों का अंतर है, जिससे मामला और भी संदिग्ध माना जा रहा है।

धमकियों के बाद सुसाइड

गंगा नगर के डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि मृतकों के भाई सुनील उर्फ दारा ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उसके बड़े भाई संतोष ने 11 जून को पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या की थी, लेकिन इसके पीछे पांच लोगों द्वारा लगातार दी जा रही धमकियां और साजिश जिम्मेदार थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन्हीं लोगों ने दोनों भाइयों की हत्या की साजिश रची।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर शुक्रवार को हंडिया थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत सपा विधायक हाकिम लाल बिंद सहित पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।डीसीपी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article