हाल ही में हेल्थ एक्सपर्ट्स ने मानसिक तनाव से निपटने का एक बेहद सरल और प्राकृतिक तरीका साझा किया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आप दिनभर में केवल 5 मिनट निकालकर डूबते सूरज यानी सूर्यास्त को शांत भाव से देखते हैं, तो यह आपके मन और दिमाग को तुरंत राहत पहुंचाने में मदद कर सकता है।
जब हम सूर्यास्त के खूबसूरत रंगों, जैसे नारंगी, गुलाबी और सुनहरी रोशनी को देखते हैं, तो हमारे दिमाग में विस्मय की भावना उत्पन्न होती है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, यह अहसास इंसान को अपनी रोजमर्रा की छोटी-मोटी चिंताओं और समस्याओं से परे ले जाता है और मन को गहरी शांति का अनुभव कराता है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, प्रकृति के इस खूबसूरत दृश्य को देखने से शरीर में तनाव पैदा करने वाले कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। इसके साथ ही, दिमाग में खुशी और सुकून देने वाले न्यूरोट्रांसमीटर्स सक्रिय हो जाते हैं, जिससे शरीर और दिमाग दोनों तुरंत रिलैक्स महसूस करने लगते हैं।
सूर्यास्त के समय 5 मिनट के लिए स्क्रीन से दूरी बनाकर कुदरत के इस नजारे को देखना एक नेचुरल डिजिटल डिटॉक्स की तरह काम करता है, जो आंखों की थकान को भी दूर करता है।
शाम के समय प्राकृतिक रोशनी का कम होना हमारे शरीर की आंतरिक घड़ी यानी सर्केडियन रिदम को सकारात्मक संदेश भेजता है। इससे शरीर को यह एहसास होता है कि अब आराम करने का समय आ गया है, जिससे रात में अच्छी नींद आने में मदद मिलती है।
ध्यान या माइंडफुलनेस का अभ्यास करना कई लोगों के लिए कठिन होता है, लेकिन सूर्यास्त को देखना बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के माइंडफुलनेस का अनुभव कराता है। यह आपको पूरी तरह से वर्तमान क्षण में ले आता है और दिमाग की अनवरत चिंताओं को शांत कर देता है।
रोज शाम को अपनी छत, बालकनी या पास के किसी पार्क में जाकर केवल 5 मिनट ढलते सूरज की छांव में बिताना आपकी जीवनशैली और मानसिक सेहत में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकता है।