देश में एक के बाद एक बनते एक्सप्रेसवे ने सड़क परिवहन की शक्ल-ओ-सूरत के साथ ही भारतीय सड़कों की छवि को भी बदलकर रख दिया है। फिर चाहे वह सबसे लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे हो या सबसे चौड़ा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे। यमुना एक्सप्रेसवे, समृद्धि एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-अमृतसर-जम्मू एक्सप्रेसवे के साथ ही देश में कई अन्य एक्सप्रेसवे भी बन रहे हैं। ऐसे ही एक अन्य एक्सप्रेसवे के अगले साल यानी जून 2026 में पूरी तरह से ऑपरेशनल होने की खबर है। यह एक्सप्रेसवे देश के दो प्रमुख शहरों को जोड़ेगा, चलिए जानते हैं।
एक्सप्रेसवे का नाम
जिस एक्सप्रेसवे की हम बात कर रहे हैं उसे अगस्त 2025 में ही शुरू होना था। लेकिन अब माना जा रहा है कि जून 2026 तक यह बनकर तैयार हो जाएगा और फिर आप इस पर फर्राटा मार पाएंगे। यह एक्सप्रेसवे दक्षिण भारत के दो प्रमुख शहरों चेन्नई और बेंगलुरू को आपस में जोड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे का नाम बेंगलुरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे है।
इस राज्य में एक्सप्रेसवे का काम पूरा
कुल 262 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे पर अब तक 71 किमी का काम ही पूरा हुआ है। बाकी बचे हुए हिस्से में NHAI को एक्सप्रेसवे बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कर्नाटक में इस एक्सप्रेसवे का काम दिसंबर 2024 में पूरा हो चुका है और इसे आधिकारिक तौर पर ट्रैफिक के लिए खोल भी दिया गया है। जबकि आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में एक्सप्रेसवे के हिस्सों पर काम की रफ्तार अब भी सुस्त है।
क्या बोले गडकरी
कर्नाटक में बेंगलुरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे का 68 किमी का हिस्सा है, जिसे ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया के प्रश्न का जवाब देते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने जानकारी दी कि बेंगलुरू-चेन्नई एक्सप्रेवे के बाकी हिस्से पर 2026 के मध्य तक काम पूरा हो जाएगा।
हाईस्पीड एक्सप्रेसवे
कुल 262 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे कर्नाटक और तमिलनाडु के अलावा आंध्र प्रदेश के भी कुछ हिस्सों से गुजरेगा। चेन्नई के पास श्रीपेरूंबुदूर तक इस 4 लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर को 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए तैयार किया जा रहा है।
दक्षिण भारत का पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
बेंगलुरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे दभिण भारत का पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है। 17 हजार 900 करोड़ की लागत से बन रहा यह एक्सप्रेसवे बेंगलुरू और चेन्नई के बीच यातायात को ट्रांसफॉर्म करने जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर में लगने वाला समय 7 घंटे से कम होकर मात्र तीन घंटे रह जाएगा।
एक्सप्रेसवे के बनकर तैयार होने के बाद क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बूस्ट मिलेगा, आर्थिक विकास को समर्थन मिलेगा और दोनों शहरों के बीच यात्रा आसान हो जाएगी। कर्नाटक में बनकर तैयार हुए एक्सप्रेसवे के हिस्से पर अभी से ही हर रोज 1600-2000 वाहन गुजर रहे हैं। हाल ही में एक सड़क हादसे में 2 साल की बच्ची सहित चार लोगों की मौत के बाद NHAI ने एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
