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Delhi News: शालीमार बाग में अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई जारी, देखें Exclusive Video

दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई आज भी जारी है। इस दौरान अवैध बिल्डिंगों को गिराए जाने का सिलसिला जारी है। देखें इस कार्रवाई के दौरान बिल्डिंग कैसे जमींदोज हो रही हैं।

Delhi News: दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आज भी जारी है। यहां आज भी बुलडोजर गरज रहे हैं। यहां सड़क चौड़ीकरण के तहत बड़े पैमाने पर अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई कई दिनों से चल रही है। इस दौरान कई मकानों और ढांचों को हटाया गया है। इस कार्रवाई का एक्सक्लूसिव वीडियो हमारे पास है, जिसमें बिल्डिंग भरभराकर सड़क पर गिरती है। इस दौरान वहां एक बुलडोजरभी इसकी चपेट में आता दिखता है।

शालीमार बाग (Shalimar Bagh) इलाके में जहां अवैध निर्माण को ढहाया जा रहा है, हवां 127 परिवार बसे हुए थे। ऐसा नहीं है कि सिर्फ रिहायशी इलाके में ही ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई की जा रही है, बल्कि यहां 11कॉमर्शियल बिल्डिंगों पर भी बुलडोजरचला है। यहां ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले ही कुछ किराएदारों से भी मकाल खाली करा लिए गए थे।

शालीमार बाग में कुल 45 मकान ऐसे भी हैं, जो आंशिक रूप से टूटे हैं। बता दें कि यहां 1980 के सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सड़क को चौड़ा करने की कार्रवाई चल रही है। दस्तावेजों के मुताबिक यहां पर 30 मीटर की सड़क थी, जो अवैध कब्जे के कारण घटकर महज 19.5 मीटर की रह गई थी। करीब 700 मीटर के दायरे में यहां अवैध निर्माण को ढहाए जाने की कार्रवाई की जा रही है।

अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण के दौरान किसी तरह की हिंसा या दुर्घटना न हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी तैनात किए गए हैं। मोबाइल सेंट्रल कमांड यूनिट से पूरी कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है। अवैध निर्माण को हटाने जाने की कार्रवाई पहले ही होनी थी, लेकिन लंबे समय से कोर्ट के स्टे के कारण सरकार को अवैध कब्जा हटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

शालीमार बाग में जिस जगह से अवैध निर्माण हटाया जा रहा है, वह करीब 30 बीघा जमीन है। सड़क के हिस्से पर अवैध कब्जा होने के कारण मानसून में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या यहां आम थी। यहां अक्सर एंबुलेंस फंसने की समस्या भी रहती थी, लेकिन अब अवैध निर्माण ढहाए जाने से सड़क चौड़ी होगी और विकास कार्य होंगे।

अवैध निर्माण में रहने वाले लोगों के पास मालिकाना हक नहीं है, इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में पूरी तरह से बेघर हुए लोगों को 3 लाख रुपये प्रति मकान मदद भी दी जाएगी। इसके अलावा दिल्ली शहरी आश्रय बोर्ड के आवासीय परिसर में मामूली किराया देकर 11 महीने तक रहने की सुविधा भी मिलेगी।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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