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ग्रेटर नोएडा : शाहबेरी गांव में भीषण आग, फर्नीचर मार्केट में उठी लपटें; सिलेंडर ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी

सिलेंडर फटने की आवाजें दूर तक सुनाई दीं। एहतियात के तौर पर आसपास के घरों और दुकानों को खाली कराया गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई।

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शाहबेरी गांव में भीषण आग

ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गांव में शुक्रवार शाम अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना के दौरान कई सिलेंडरों में धमाके होने की भी जानकारी सामने आई है। आग आम्रपाली गोल्फ होम्स के आगे शाहबेरी में ग्रेटर नोएडा वेस्ट को क्रॉसिंग रिपब्लिक से जोड़ने वाली सड़क पर लगी है। मीडिया खबरों के मुताबिक, आग की जद में करीब 20 से 25 दुकानें व गोदाम आए हैं, जिनमें रखा कीमती सामान जलकर राख हो गया है। हालांकि, दमकल की करीब 15 से 20 गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक आग लगने के बाद आसमान में धुएं का बड़ा गुबार दिखाई देने लगा। सिलेंडर फटने की आवाजें दूर तक सुनाई दीं। एहतियात के तौर पर आसपास के घरों और दुकानों को खाली कराया गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग किसी फर्नीचर मार्केट में लगी, हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। राहत और बचाव कार्य जारी है। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) प्रदीप कुमार ने बताया कि हमें सूचना मिली कि ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में आग लग गई है...आग पर काबू पा लिया गया है। इस घटना में लगभग आठ दुकानें जलकर खाक हो गईं...किसी के घायल होने या हताहत होने की कोई खबर नहीं है। फिलहाल, आग लगने के कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है। दमकल अधिकारियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही वास्तविक कारणों के पता चलने की बात कही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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