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कश्मीर में प्रचंड ठंड! चिल्ला-ए-कलां का कहर जारी; बारिश-बर्फबारी को लेकर IMD का अलर्ट

कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर और बढ़ गया है। घाटी के कई इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना बनी हुई है, खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभों के चलते रुक-रुक कर बर्फबारी और बारिश की चेतावनी जारी की है।

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कश्मीर का मौसम

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Kashmir Weather News: कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज किए जाने से ठंड की तीव्रता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों के दौरान, खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में, बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। IMD के मुताबिक, श्रीनगर में शुक्रवार रात का न्यूनतम तापमान शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा, जो एक रात पहले दर्ज शून्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस नीचे के तापमान से अधिक ठंडा था। दक्षिण कश्मीर का शोपियां घाटी का सबसे सर्द इलाका बना रहा, जहां पारा गिरकर शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस नीचे तक पहुंच गया। पर्यटन स्थल पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के समान ही रहा। वहीं, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित गुलमर्ग में तापमान शून्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रिकॉर्ड किया गया, जो एक दिन पहले के शून्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस नीचे के मुकाबले और कम था।

यहां रहा इतना तापमान

मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित सोनमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस नीचे रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को इस क्षेत्र में मध्यम स्तर की बर्फबारी भी देखने को मिली। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर घाटी के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले काजीगुंड में तापमान शून्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज हुआ। इसके अलावा, कोकरनाग में रात का न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री सेल्सियस नीचे रहा, जबकि उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में पारा गिरकर शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया।

चिल्ला-ए-कलां दौर जारी

कश्मीर घाटी में इन दिनों ‘चिल्ला-ए-कलां’ का समय चल रहा है, जिसे साल की सबसे कड़ी ठंड का 40 दिनों का दौर माना जाता है। इस अवधि में भारी बर्फबारी की आशंका सबसे ज्यादा रहती है और रात के तापमान के अक्सर जमाव बिंदु से नीचे चले जाने की स्थिति बन जाती है। यह कठोर शीतकालीन चरण 21 दिसंबर से शुरू हुआ था और 30 जनवरी तक जारी रहेगा। इसके समाप्त होने के बाद ‘चिल्ला-खुर्द’ और ‘चिल्लई-ए-बच्चा’ का दौर आएगा। मौसम विभाग के अनुसार, लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभों के कारण कश्मीर में आने वाले दिनों में रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है।

क्या है IMD का पूर्वानुमान?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार और रविवार (17 और 18 जनवरी) को घाटी के कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना है। इसके बाद 19 और 20 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई गई है। IMD यह भी बताया कि 21 जनवरी को ऊंचाई वाले कुछ छिटपुट इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है, और इसके बाद 25 जनवरी तक हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। इसके अलावा, चेनाब घाटी, पीर-पंजाल रेंज और दक्षिण कश्मीर के कुछ जिलों में 23 से 24 जनवरी के बीच भारी बारिश या बर्फबारी होने की आशंका है।

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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