उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 71 हेक्टेयर सरकारी जमीन के कथित अवैध आवंटन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पूर्व एसडीएम समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार सरकारी जमीन का आवंटन फर्जी लोगों के नाम पर किया गया था।
फर्जी नामों पर बांटी गई सरकारी जमीन
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि यह मामला गुन्नौर तहसील के असदपुर परगना के भौना नंगला गांव की 71 हेक्टेयर सरकारी जमीन से जुड़ा है। गांव के लेखपाल की शिकायत पर गुन्नौर थाने में मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच की। जिसमें कुल 19 लोगों को दोषी पाया गया। इसके बाद सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
पूर्व एसडीएम समेत 6 गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार लोगों में तत्कालीन एसडीएम ओमवीर सिंह भी शामिल हैं, जिन्हें पहले ही सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। इसके अलावा तत्कालीन जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिन्होंने जमीन आवंटन के पक्ष में कानूनी राय दी थी। वहीं, फर्जी नामों पर जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव देने वाले ग्राम प्रधान को भी जेल भेजा गया है।
सरकारी जमीन वापस लेने की कार्रवाई शुरू
पुलिस का कहना है कि सभी अवैध आवंटन और कब्जे रद्द कर दिए गए हैं। अब पूरी 71 हेक्टेयर सरकारी जमीन को फिर से सरकार के कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कराने या इस पूरी प्रक्रिया में सीधे या परोक्ष रूप से शामिल हर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की गहन जांच की जा रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
