प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा में महिला आरक्षण में संशोधन करने वाले संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के लिए विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की और देश की 'माताओं और बहनों' से माफी मांगते हुए कहा, 'महिला शक्ति विधेयक' संसद में पारित नहीं हो सका। राष्ट्र को संबोधित करते हुए विपक्षियों पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस के साथ उन्होंने समाजवादी पार्टी के आदर्शों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लोहिया जी को पहले ही भूल चुकी है। सपा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करके लोहिया जी के विचारों को पैरों चले कुचल दिया है। सपा नारी विरोधी है। विपक्षी दलों की स्वार्थ भरी राजनीति के कारण भारत की महिलाओं को सशक्त बनाने का संघर्ष रुका हुआ है।
पीएम ने कहा कि महिला के आरक्षण का विरोध करके समाजवादी पार्टी ने फिर एक बार सिद्ध कर दिया कि वो एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है। 21 सदी के विकसित पार्टी के लिए जो भी निर्णय, जो भी रिफॉर्म जरूरी हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ज्यादातर में कांग्रेस उन सभी का विरोध करती है, उन्हें खारिज करती है। उस काम के भीतर खलल डालती है। यही कांग्रेस का इतिहास है और यही कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति है। यह वही कांग्रेस है जिसने जनधन, आधार, मोबाइल और स्त्री शक्ति का विरोध किया है।
उन्होनें कहा कि समाजवादी बिल का समर्थन करके महिला विरोधी छवि होने का दाग मिटा सकती थी, लेकिन अखिलेश यादव चूक गए। सपा ने नारी शक्ति संशोधन बिल का विरोध करके महिला विरोधी होने का सबूत पेश किया है। इसे उत्तर प्रदेश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी।
समाजवादी पार्टी को महिला विरोधी-पीएम मोदी
लोकसभा में बिल पारित नहीं होने के बाद भारतीय जनता पार्टी समाजवादी पार्टी को महिला विरोधी' और 'पिछड़ा विरोधी' साबित करने का नैरेटिव सेट कर रही है। कल ही लोकसभा में पीएम ने कहा था कभी अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव के समय भी यही हुआ था, जब उनकी वजह से महिला आरक्षण बिल गिर गया था। इससे ये प्रतीत होता है कि सपा जिन विचारों के साथ राजनीति में आई थी आज वो उसके विपरीत जाकर काम कर रही है, जिससे महिलाएं और जनता नहीं भूलने वाली।
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