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रुड़की में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा, गार्डर गिरने से दो कांवड़ियों की मौत

रुड़की के बड़ेड़ी राजपूतान में फ्लाईओवर का गार्डर गिरने से दो कांवड़ियों की मौत हो गई। दोनों कांवड़िये गाजियाबाद के निवासी थे और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे थे।

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रुड़की में कांवड़ियों की मौत

रुड़की : उत्तराखंड के रुड़की में कांवड़ यात्रा के दौरान एक दुखद हादसा सामने आया है। ग्राम बड़ेड़ी राजपूतान के पास फ्लाईओवर निर्माण कार्य के लिए रखे गए लोहे के भारी-भरकम गार्डर की चपेट में आने से दो कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई।

कैसे हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़िये रुड़की के पास विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान, वहां मौजूद फ्लाईओवर के नीचे रखे लोहे के गार्डर के पास कुछ कांवड़िये आराम करने के लिए बैठ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक कांवड़िये के गार्डर पर चढ़ने से वह अचानक असंतुलित होकर फिसल गया और नीचे विश्राम कर रहे कांवड़ियों पर आ गिरा।

अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों गंभीर रूप से घायल कांवड़ियों को रुड़की के उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

हादसे में जान गंवाने वाले दोनों श्रद्धालु जनपद गाजियाबाद के निवासी थे। मृतकों की पहचान की तनुज (21) पुत्र महेश चंद्र, निवासी छोटा हरिद्वार, जलालाबाद थाना मुरादनगर, कृष्ण (22) पुत्र मटरु, निवासी शकूरपुर थाना भोजपुर के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मृतकों के परिजनों को जानकारी दे दी है। फिलहाल पुलिस प्रशासन द्वारा मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। इस घटना से कांवड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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