Road Infrastructure Contract: भारत में तमाम एक्सप्रेसवे (Expressway) और हाईवे (Highway) के निर्माण और उनकी हालत सुधारने के लिए सरकार ने एक और बड़ा प्लान तैयार किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Ministry of Road Transport) ने अगले तीन महीने में तीन लाख रुपये के प्रोजेक्ट के कॉन्ट्रैक्ट जारी करने की बात कही है। चालू वित्त वर्ष (Current Financial Year) में अबतक धीमी शुरुआत के बावजूद 2025 तक 5 लाख करोड़ रुपये का सड़क एंव राजमार्गों के निर्माण में निवेश कर चालू वित्त वर्ष का समापन करने का प्लान है। इसके अतिरिक्त मंत्रालय के पास कई पाइपलाइन के प्रोजेक्ट (Pipeline Projects) हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि उनके पास इंफ्रास्ट्रक्चर और सड़क निर्माण के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। कैपिटल मार्केट (Capital Market) में एनएचएआई (NHAI) का हिसाब-किताब बेहतर है। लिहाजा, हमें निर्माण कार्यों में पैसा लगाने के लिए फंड की कमी से नहीं जूझना है।

सड़क
टोल की बंपर कमाई
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टोल के जरिए मौजूदा कमाई 45000 करोड़ रुपये है। आने वाले 2 साल में यह इनकम 1,40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। इसके अलावा रोड एसेट को मोनेटाइज किया जा रहा है, जिससे मंत्रालय को बड़े पैमाने में कमाई हो रही है। लिहाजा, हमारे में हाईवे, एक्सप्रेसवे, सड़क, ब्रिज इत्यादि के निर्माण पर खर्च करने के लिए पर्याप्त फंड है।

फ्लाईओवर
निर्यात के साथ रोजगार की संभावनाएं
इंडियन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (Indian Construction Equipment Manufacturers Association)की बैठक में केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि एनएचएआई ने चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 47.04 किमी. की तीन परियोजनाएं आवंटित की हैं, जबकि जून तक मंत्रालय द्वारा आवंटित कुल लंबाई 95 किमी. है। इसके अलावा मंत्री ने कहा कि निर्माण उपकरण उद्योग को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि अभी सीमा शुल्क समेत कई अन्य समस्याएं हैं। लेकिन, हम उन सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने इक्विपमेंट मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन से कहा कि हम उत्पादकता और निर्यात बढ़ाने में आपका समर्थन करेंगे। आप राज्यों को अधिकतम जीएसटी दे रहे हैं और निर्यात के साथ रोजगार की अपार संभावनाएं लेकर आए हैं, लिहाजा हम इस पर आपका पूर्ण सहयोग करेंगे।

एक्सप्रेसवे
हालांकि, गडकरी ने स्वीकार किया कि अर्थव्यवस्था (Ecnomic) में रोजगार (Employment) की संभावनाएं पैदा करना सरकार के लिए बड़ी समस्या है। लेकिन, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्माण उपकरण क्षेत्र में उत्पादकता और नौकरियां पैदा करने जा रहा है। भारत का निर्माण उपकरण बाजार 79,000 करोड़ रुपये का है और उद्योग की कुल मात्रा 1.35 लाख यूनिट है, जिसके 2030 तक 2.5 लाख यूनिट तक जाने की उम्मीद है।
