RJD Raj Bhavan March: बिहार में युवाओं के रोजगार, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और सीवान में छात्रों पर हुई कथित पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ राजभवन की ओर बढ़ रहे राजद (RJD) नेताओं को पुलिस ने पटना के आयकर चौराहे पर रोककर हिरासत में ले लिया। इसके बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और राज्यसभा सांसद मीसा भारती को पुलिस सचिवालय थाने ले गई, जहां उनसे नाम, पता और बायोडाटा दर्ज करने के बाद पीआर बॉन्ड भरवाकर रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद तेजस्वी यादव ने सरकार को ललकारते हुए सवाल उठाया कि सीवान में निहत्थे युवाओं पर AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक युवाओं के रोजगार और हक के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। तेजस्वी ने यह भी बताया कि पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के बावजूद RJD का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राज्यपाल से मिलकर अपना मांग पत्र और ज्ञापन सौंपेगा।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की
युवाओं के रोजगार, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और सीवान में छात्रों पर कथित पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ राजभवन की ओर बढ़ रहे RJD के मार्च को पुलिस ने पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर रोक लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने तेजस्वी प्रसाद यादव को हिरासत में ले लिया। पुलिस बस में बैठाकर उन्हें सचिवालय थाने ले जाया गया।
पुलिस वैन में सवार होने से पहले तेजस्वी यादव ने टाइम्स नाउ नवभारत से एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार हमला बोला। तेजस्वी ने कहा कि आज सड़कों पर इतनी बड़ी संख्या में लोग उतरे हैं, जो दर्शाता है कि वर्तमान सरकार और भाजपा के खिलाफ जनता में कितना भारी आक्रोश और नाराजगी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं पर AK-47 से गोलियां चलाई जा रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई जवाबदेही लेने को तैयार नहीं है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और बिहार के युवा इस सरकार को सबक सिखाने का काम करेंगे।
सीवान के एसपी के तबादले पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि 'महज ट्रांसफर से काम नहीं चलेगा, जवाबदेही तय होनी चाहिए और इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए।'
प्रशासनिक कार्रवाई से बेखौफ नजर आए नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को ललकारते हुए कहा, 'हम लोग डरने या दबने वाले लोग नहीं हैं। वाटर कैनन चलाएं या लाठी-गोली, हम संघर्ष करने वाले लोग हैं। मेरे अंदर लालू प्रसाद यादव का खून है और मैं युवाओं के हक के लिए आखिरी सांस तक लड़ता रहूंगा।'
RJD का मार्च
बिहार की राजधानी पटना में बेरोजगारी, परीक्षा में धांधली व पेपर लीक और सीवान में प्रदर्शनकारी छात्रों (Gen-Z) पर कथित तौर पर बंदूक चलाने के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राजभवन मार्च निकाला। जेपी गोलंबर से शुरू हुए इस मार्च की अगुवाई बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कर रहे हैं। मार्च के दौरान राजद कार्यकर्ता हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थामे नजर आए, वहीं कई युवा और छात्र हाथ में खिलौने वाली 'AK-47' राइफल लेकर प्रदर्शन करते दिखे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह खिलौना AK-47 सीवान में छात्रों के शांतपूर्ण आंदोलन पर हुई कार्रवाई के खिलाफ विरोध का प्रतीक है।
राजभवन मार्च के दौरान डाकबंगला चौराहे पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ते हुए तेजस्वी यादव इनकम टैक्स चौराहे की ओर आगे बढ़ गए। इस दौरान पुलिस बल और राजद (RJD) कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली। सुरक्षा बलों ने मार्च को रोकने के लिए डाकबंगला चौराहे पर कड़े इंतजाम किए थे, लेकिन कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम के सामने बैरिकेडिंग टिक न सकी।
घटनाक्रम के बीच टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। तेजस्वी ने कहा, 'सीवान की घटना पर सरकार सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। वहां के एसपी का सिर्फ ट्रांसफर किया गया है, जबकि उन्हें तुरंत सस्पेंड (निलंबित) किया जाना चाहिए था।'
इससे पहले राजद कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
RJD का आरोप: अहिंसक आंदोलन पर क्यों चलीं गोलियां?
प्रदर्शन के दौरान राजद के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर तीखे हमले बोले:
सांसद मनोज झा का बयान: राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि Gen Z की नकल करना जरूरी नहीं है, बल्कि उनकी भावनाओं को समझना जरूरी है। जब युवा परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तो उन पर पेलेट गन और बंदूकें क्यों चलाई गईं? तेजस्वी यादव के नेतृत्व में यह मार्च राज्यपाल को इन सभी मामलों से अवगत कराने के लिए निकाला गया है।
विधायक भाई विरेंद्र की तीखी टिप्पणी: राजद विधायक भाई विरेंद्र ने सवाल उठाया कि जो युवा अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे, वे निहत्थे थे। इसके बावजूद उन पर लाठियां चलाई गईं और गोलियां दागी गईं। क्या देश का कानून छात्रों पर AK-47 चलाने की इजाजत देता है? अगर नहीं, तो भीड़ में बंदूक तैनात करने का आदेश किसने दिया था?
सीवान घटना की याद दिलाकर सरकार को घेरा
राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में युवाओं की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से छात्रों के हक की लड़ाई जारी रखेंगे। मनोज झा ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि 'जो लाठियां और पेलेट गन आपने हमारे बच्चों पर चलाई हैं, उनका इस्तेमाल अब हमारे खिलाफ भी कर लीजिए, क्योंकि आप यही करना जानते हैं।'
