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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई; रिलायंस पावर से जुड़े CFO समेत तीन गिरफ्तार, SECI टेंडर में फर्जी बैंक गारंटी का खुलासा

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए रिलायंस पावर से जुड़े अधिकारियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के टेंडर को हासिल करने के लिए करोड़ों की फर्जी बैंक गारंटी का इस्तेमाल किया गया।

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रिलायंस पावर के CFO समेत 3 गिरफ्तार (सांकेतिक फोटो)

Delhi News: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए Reliance Power Ltd. के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) अशोक कुमार पाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के टेंडर को हासिल करने के लिए करोड़ों रुपये की फर्जी बैंक गारंटी तैयार कर इस्तेमाल किया। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा खेल बहुत ही प्लानिंग के साथ रचा गया था, जिसमें विदेशी बैंकों के नाम का सहारा लेकर दस्तावेज तैयार किए गए और उन्हें असली दिखाने के लिए फर्जी ईमेल और SBI के नाम से नकली पुष्टि भी बनाई गई।

मामले की कब शुरू हुई?

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब Solar Energy Corporation of India के मैनेजर बिबलेश मीणा ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि रिलायंस पावर की सहयोगी कंपनी Reliance NU BESS Ltd. ने टेंडर के दौरान 68.20 करोड़ रुपये की दो बैंक गारंटी जमा की थीं, जो बाद में फर्जी निकलीं। ये गारंटी मलेशिया के ACE Investment Bank और फिलीपींस के FirstRand Bank के नाम पर बनाई गई थीं। इतना ही नहीं, इन्हें असली साबित करने के लिए SBI के नाम से नकली SFMS कन्फर्मेशन और ईमेल भी दिखाए गए, जिन्हें बाद में बैंक ने पूरी तरह फर्जी बताया।

जांच में क्या आया सामने?

जांच में सामने आया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में कंपनी के अंदर के बड़े अधिकारी भी शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, CFO अशोक कुमार पाल ने ओडिशा के कारोबारी पार्थ सारथी बिस्वाल और कोलकाता के अमरनाथ दत्ता के साथ मिलकर यह साजिश रची। बिस्वाल और दत्ता इस पूरे नेटवर्क में बिचौलिये की भूमिका निभा रहे थे और फर्जी बैंक गारंटी तैयार कराने के लिए मोटी रकम ली गई। दिल्ली पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को 15 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया। फिलहाल तीनों को 23 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन का पूरा खुलासा हो सके।

मामले जांच अभी जारी

आरोपियों की प्रोफाइल पर नजर डालें तो अशोक कुमार पाल एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और 2018 से रिलायंस ADAG ग्रुप में CFO के पद पर कार्यरत थे। वहीं पार्थ सारथी बिस्वाल एक कारोबारी हैं और ओडिशा की Biswal Tradelink Pvt. Ltd. के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जबकि अमरनाथ दत्ता इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट से जुड़ा काम करता है और इस पूरे मामले में मिडिलमैन की भूमिका निभा रहा था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ फर्जी दस्तावेज का नहीं, बल्कि सरकारी टेंडर सिस्टम को धोखा देने की बड़ी साजिश है। फिलहाल, मामले जांच अभी जारी है।

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Anuj Mishra
अनुज मिश्रा author

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं।... और देखें

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