Punjab News: पंजाब में टारगेट किलिंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 2025 की तरह 2026 की शुरुआत से ही लगातार पंजाब में गैंगस्टर सरेआम खूनी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और इन्हें अंजाम देने के बाद वह खुलकर इसकी जिम्मेदारी भी ले रहे हैं। पंजाब के लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं लेकिन पंजाब पुलिस इसके बावजूद भी राज्य में कम अपराध का ढोल पीट रही है। पंजाब में गैंगस्टर्स खुलकर गैंगवॉर कर रहे हैं और अब राजनीतिक लोगों को भी अपना निशाना बना रहे हैं। पिछले साल के अंत से लेकर अब तक कई बड़ी हत्या की वारदातें पंजाब में हुई हैं। इन वारदातों ने पूरे पंजाब को हिलाकर रख दिया है पुलिस लगातार दावे कर रही है लेकिन गैंगस्टर बेखौफ हैं।
वारदातों का सिलसिला
इस साल वारदात की शुरुआत 2 जनवरी को कपूरथला के सीनपुरा मोहल्ले से हुई, जहां हेमप्रीत नाम की 40 वर्षीय महिला की उनके घर के अंदर घुसकर दो युवकों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाकर मार दिया था। चौंकाने वाली बात यह है कि हेमप्रीत कुछ दिन पहले ही कनाडा में अपने बेटे से मिलकर वापस लौटी थीं। इस खौफनाक वारदात के अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि 3 जनवरी को मोगा के धर्मकोट विधानसभा क्षेत्र के गांव भिंडर कलां में एक और बड़ी वारदात सामने आई। यहां कांग्रेस कार्यकर्ता उमरसिर सिंह, जो एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत थे, अपनी कार से ड्यूटी पर जा रहे थे। रास्ते में हमलावरों ने उनकी गाड़ी रोककर उन पर करीब 15 राउंड फायरिंग की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
आम आदमी पार्टी से जुड़े सरपंच की हत्या
हिंसा का यह दौर यहीं नहीं रुका और 4 जनवरी को अमृतसर में एक शादी समारोह के दौरान आम आदमी पार्टी से जुड़े सरपंच जरमल सिंह की सरेआम हत्या कर दी गई। खुशियों के माहौल में हुई इस वारदात ने सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी। वहीं 5 जनवरी को लुधियाना के जगराओं में अपराधियों की बेखौफ मानसिकता का सबसे डरावना चेहरा देखने को मिला। हमलावरों ने कबड्डी खिलाड़ी गगनदीप सिंह की गोली मारकर हत्या की और उसके बाद बेझिझक उसके घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को खुद जानकारी दी कि उन्होंने गगनदीप को मार दिया है।
सोशल मीडिया के जरिए ली जिम्मेदारी
28 जनवरी 2026 की दोपहर मोहाली के एसएसपी दफ्तर और जिला अदालत के पास स्थित पॉश इलाके में सरेआम गैंगवॉर की वारदात हुई। बाइक पर आए दो हमलावरों ने गुरविंदर सिंह उर्फ गूरी को उस वक्त निशाना बनाया जब वह अपनी पत्नी के साथ कोर्ट की सुनवाई के बाद पार्किंग की ओर जा रहा था। हमलावरों ने बेहद करीब से गुरविंदर पर ताबड़तोड़ 15-17 राउंड फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के तुरंत बाद कनाडा में छिपे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया के जरिए इस हत्या की जिम्मेदारी ली। उसने इसे 2020 में हुई अपने भाई गुरलाल बराड़ की हत्या का बदला बताया।
आप पर बरसाईं गोलियां
इसके बाद जालंधर में 6 फरवरी को आम आदमी पार्टी के नेता लकी ओबेरॉय की हत्या जब वो गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर बाहर निकल रहे थे, तभी पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। हमलावरों ने बेहद करीब से लगभग कई राउंड फायर किए, जिससे ओबेरॉय को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस साल अब तक आम आदमी पार्टी के तीन नेताओं की हत्याएं पंजाब में हो चुकी हैं।
सरकार पर साधा निशाना
सभी मामलों को देखा जाए तो अब तक 2 दर्जन से ज्यादा हत्याएं पंजाब में हो चुकी हैं। विपक्ष लगातार कानून व्यवस्था के मामले को लेकर सरकार पर हमलावर है। अकाली दल नेता विक्रम मजीठिया ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पूरी तरीके से सरकार और पंजाब के डीजीपी का फेलियर है पंजाब को अभी तक परमानेंट डीजीपी नहीं मिला है और मौजूदा डीजीपी सरकार के PR में जुटे हुए हैं। एक के बाद एक हुई तमाम हत्याओं ने पंजाब के लोगों को दहशत में डाल दिया है अब AK-47 से हमले शुरू हो गए हैं इससे ज्यादा और हालत क्या खराब होंगे।
दिल्ली और हरियाणा की तुलना क्राइम कम
वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था की फेलियर के लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार दोनों जिम्मेदार हैं कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और सरकार कुंभकरण की नींद सो रही है। वहीं पंजाब के डीजीपी गौरव यादव से सरेआम हो रही हत्याओं को लेकर जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विदेश में बैठे गैंगस्टर युवा पीढ़ी को लालच देकर घटनाओं को अंजाम देते है। पहले भी नाबालिग युवाओं लालच देकर घटना को अंजाम दिया गया था। हम लगातार वारदातों को सुलझा रहे हैं और दोषियों को पकड़ भी रहे हैं डीजीपी ने कहा कि पंजाब बॉर्डर एरिया है और राज्य में हर साल 700 के करीब मर्डर हो रहे है लेकिन पंजाब में दिल्ली और हरियाणा की तुलना क्राइम कम है।
गैंगस्टरां ते वार ऑपरेशन
हाल ही में पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया था जिसका नाम गैंगस्टरां ते वार रखा गया था इसके अलावा पंजाब पुलिस ऑपरेशन प्रहार के नाम से दो बार ऑपरेशन चला चुकी है लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी सख्ती के बावजूद गैंगस्टर बेखौफ है और बिना किसी डर के वह जब चाहे किसी को भी अपना निशाना बना रहे हैं ऐसे में पंजाब में कानून व्यवस्था बनाए रखना अब सरकार और पुलिस दोनों के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गई है।
