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Jharkhand News: हजारीबाग झील में डूबा युवक, किनारे खड़े तमाशबीन लोग बनाते रहे वीडियो

झारखंड के हजारीबाग झील में सोमवार की सुबह एक युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक अकेले किनारे खड़ी नाव लेकर झील के बीच में चला गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। कोई उसे बचाने की बात करता तो वह झील में कूदने की धमकी देने लगता। किनारे खड़े लोगों ने समय रहते प्रशासन को सूचना नहीं दी और लड़के की जान चली गई।

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग झील में एक युवक के डूबने का मामला आया है। युवक सोमवार की सुबह काफी हंगामे के बाद युवक झील में डूब गया। इस हादसे में शख्स को बचाने का मौका था लेकिन आस पास के लोगों की लापरवाही की वजह से उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। बताया जा रहा है कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।

घटना सोमवार सुबह की है। तड़के तीन बजे से एक युवक ने हजारीबाग झील के किनारे खड़ी नाव लेकर अकेले झील के बीच में चला गया। कई घंटे तक वह नाव को चलाता रहा। सुबह होते ही इस अजीबोगरीब घटना को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस समय अगर कोई सही कदम उठाया जाता तो शायद युवक की जान बच सकती थी लेकिन लोगों का रील बनाने का सिलसिला शुरू हो गया। हालांकि, जब कोई व्यक्ति पानी में उतर कर उसे बचाने की बात करता तो युवक पानी में कूद जाने की धमकी दे रहा था। इसी बीच नाव पलट गई और नाव और युवक दोनों डूब गए।

मृतक की पहचान आलेख गौरव उर्फ मुन्ना गुप्ता के तौर पर हुई है, जो कोरा बाबूगांव का रहने वाला था और राशन की दुकान चलाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले एक महीने से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिवार के लोग भी उसकी हालत को लेकर चिंतित थे, लेकिन शायद किसी ने अंदाजा नहीं लगाया था कि हालात इस कदर बिगड़ सकते हैं।

स्थानीय गोताखोरों ने अपने स्तर पर आलेख गौरव को रेस्क्यू करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई। खबर लिखे जाने तक NDRF की टीम युवक की बॉडी नहीं खोज पाई थी।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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