Train Speed trial on ranchi new line :रांची से पटना तक ट्रेन का परिचालन जनवरी से बीआईटी मेसरा, हजारीबाग और कोडरमा होकर भी किया जाएगा। इस नए रूट पर ट्रेन का परिचालन पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर द्वारा कराया जाना है। अधिकारियों के मुताबिक इस रूट पर ट्रेनों के चलने से रांची और पटना की दूरी करीब 70 किलोमीटर कम हो जाएगी। दूसरी ओर दक्षिण-पूर्व रेलवे की ओर से हटिया से बरकाकाना तक एक पैसेंजर ट्रेन परिचालित की जाएगी। दोनों ट्रेनों के परिचालन के लिए रेलवे बोर्ड ने मंत्रालय को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है।
रेलवे के सीनियर अधिकारी ने बताया कि रांची-बरकाकाना रूट पर सिधवार-सांकी के बीच कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) का निरीक्षण हो गया है। इनके निरीक्षण में ट्रैक की स्थिति, ओवरहेड तार और पुल की स्थिति बिल्कुल सही और सुरक्षित पाई गई है। इसके साथ ही इस नए रूट पर ट्रेन की स्पीड का ट्रायल भी सफल रहा। सीआरएस ने ट्रेन परिचालन के लिए मंजूरी दे दी है।
नए रूट पर सबसे लंबी सुरंग 1.5 किमी की
रांची-कोडरमा के बीच 211 किलोमीटर का नया ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो गया है। पूर्व-मध्य रेलवे हाजीपुर ने यह प्रोजेक्ट किया है। इस रूट पर 1.5 किलोमीटर की सबसे लंबी सुरंग है। इसके साथ ही 78 छोटे पुल, 6 रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनाए गए हैं। इस बारे में पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) ने कहा कि रांची-हजारीबाग-कोडरमा रूट पर नए साल में नई ट्रेन चलाने का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा है। इस नए रूट पर जल्द ही ट्रेन चलने लगेगी। सीआरएस के निरीक्षण में ट्रायल सफल रहा है। इस रूट पर 80 से 90 किलोमीटर की स्पीड से ट्रेन चलाने का निर्देश मिला है।
14 साल में पूरा हुआ रेल लाइन का निर्माण
इस नए रूट के निर्माण पर 14 साल लग गए। 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दी थी। कोडरमा-हजारीबाग-रांची वाया बरकाकाना की दूरी 202 किलोमीटर है। इस रूट पर पहाड़ों एवं जंगलों को काटकर नई रेल लाइन बिछाई गई है। इस परियोजना को 3800 करोड़ रुपए से पूरा किया गया है। पहले बरकाकाना से रांची वाया मुरी जाने में ट्रेन को 126 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती थी। अब ट्रेन बरकाकना से रांची वाया सांकी, बीआईटी मेसरा, टाटीसिल्वे होकर 63 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। अधिकारियों का कहना है कि हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार जिले से रांची की दूरी अब कम होगी।
