Gumla News: झारखंड के गुमला में स्वास्थ्य सुविधा का सबसे बड़ा केंद्र सदर अस्पताल खुद बीमार है। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। अस्पताल प्रबंधन अपने काम से पल्ला झाड़ रहा है। सदर अस्पताल में लाखों की लागत से मच्छरदानी खरीदी गई, लेकिन स्थिति ये है कि एक भी मरीज को मच्छरदानी नहीं दी गई।
गर्मी से मरीज का हाल बेहाल
इतना ही नहीं, तपिश भरी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है और अस्पताल के वार्ड में लगे पंखे टूटे और खराब पड़े हैं। यहां मरीजों का दुखड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। जब मरीजों द्वारा मच्छरदानी की डिमांड की जाती है तो कहा जाता है कि मच्छरदानी उपलब्ध नहीं है।
क्या बोला अस्पताल प्रबंधन?
वहीं, दूसरी ओर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर अनुपम किशोर सब कुछ जानते हुए भी अनजान बनते हैं और कहते हैं ऐसी बात नहीं है। पर्याप्त मात्रा में मच्छरदानी हैं। खराब पंखे को लेकर उनका कहना है कि इसे जल्द ही ठीक करा लिया जाएगा। अब सवाल यह उठता है कि अगर मच्छरदानी है, तो वार्ड में एक भी मरीज को मच्छरदानी क्यों नहीं मिल रही। आखिर इसकी जवाबदेही लेगा कौन?
रात-दिन हो रही परेशानी
वहीं, अस्पताल में इलाजरत मरीज व उसके परिजन या तो अपने घर से मच्छरदानी लेकर आते हैं या दुकान से खरीदना पड़ता है। इसके बाद परिजन बरामदे में मच्छरदानी लगाकर सोते हैं। कारण पूछने पर बताया जाता है कि वार्ड में पंखा खराब है। गर्मी, उमस और बदबू के चलते बाहर सोना पड़ता है। मच्छरों की वजह से मरीजों को रात-दिन परेशानी होती है।
