राँची

Jharkhand: नकली पनीर और खोया की बड़ी खेप धनबाद से जब्त, बिहार से झारखंड लाया गया था सामान

Jharkhand: झारखंड के धनबाद से फूड सेफ्टी विभाग द्वारा नकली पनीर और खोया की बड़ी खेप जब्त की गई है। अधिकारी ने बताया कि इस दौरान 780 किलो मिलावटी पनीर और 80 किलो खोया के साथ 25 किलो पेड़ा और लड्डू बरामद किया गया है। यह सामान बिहार से आ रहा था और पूजा टॉकीज चौक के पास जांच में बरामद किया गया है।

Image

नकली पनीर और खोया की बड़ी खेप धनबाद से जब्त (फोटो - Canva)

Jharkhand: झारखंड में बेखौफ नकली पनीर और खोया का कारोबार चल रहा है। राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग ने जून और जुलाई में रांची, हजारीबाग, रामगढ़, दुमका और धनबाद में कार्रवाई कर नकली पनीर और खोया की बड़ी खेप जब्त की है। मंगलवार को धनबाद में फूड सेफ्टी विभाग ने पूजा टॉकीज चौक पर बिहार से आ रही बसों की जांच की। इस दौरान 780 किलो मिलावटी पनीर, 80 किलो खोया और 25 किलो पेड़ा-लड्डू जब्त किए गए। पनीर पर आयोडीन डालते ही वह काला पड़ गया। जांच में साफ हुआ कि पनीर और खोया में जहरीली मिलावट की गई थी। यह सिंथेटिक केमिकल और स्टार्च का साफ संकेत था, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।

दो दिन पहले भी पकड़ा गया था नकली पनीर

बता दें कि दो दिन पहले दुमका जिले में बासुकीनाथ के पास भी नकली पनीर की खेप पकड़ी गई थी। 17 जुलाई को रांची के ओरमांझी में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की थी। यहां 750 किलो नकली खोया, 150 किलो नकली पनीर और 200 किलो मुरब्बा जब्त किया गया था। यह सामग्री बिहार से झारखंड लाई जा रही थी। 17 जून को हजारीबाग में नकली पनीर की सबसे बड़ी खेप पकड़ी गई थी। पुलिस और खाद्य विभाग ने 4,000 किलो नकली पनीर जब्त कर नष्ट कर दिया था। जांच में सामने आया कि यह पनीर बिहार के बख्तियारपुर और मनेर से लाया जा रहा था। इसे रांची, हजारीबाग और रामगढ़ में सप्लाई किया जाना था।

इन वस्तुओं से बनाया जा रहा नकली पनीर

खाद्य विभाग की जांच में पता चला है कि नकली पनीर बनाने में सिंथेटिक दूध, वनस्पति घी, डिटर्जेंट और केमिकल का उपयोग किया जा रहा है। इन सामग्रियों का सेवन स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इन सभी मामलों में खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम, 2006 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि किसी भी मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। नकली खाद्य पदार्थ का परिवहन करने वाली बसों पर जुर्माना जरूर लगाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, बिहार के बाढ़, वैशाली, बख्तियारपुर, सासाराम और आसपास के इलाकों में नकली पनीर और खोया बनाने का रैकेट सक्रिय है। यह रैकेट झारखंड और बिहार के विभिन्न शहरों में बड़ी मात्रा में नकली पनीर और खोया सप्लाई कर रहा है।

(इनपुट - आईएएनएस)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article