राँची

झारखंड के रामगढ़ में ट्रक-ऑटो रिक्शा में भिड़ंत, 3 स्कूली बच्चों समेत 4 की मौत

झारखंड के रामगढ़ में एक ट्रक और ऑटो रिक्शा के बीच जबरदस्त भिड़ंत में चार लोगों की मौत हो गई। मृतको में तीन स्कूली बच्चे भी शामिल हैं।

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(सांकेतिक फोटो)

रामगढ़: जिले में बुधवार सुबह एक ऑटोरिक्शा के आलू से लदे ट्रक से टकरा जाने के कारण तीन स्कूली बच्चों समेत कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में चार विद्यार्थी भी घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने बताया कि यह घटना झारखंड की राजधानी रांची से करीब 50 किलोमीटर दूर गोला थाना क्षेत्र के महुआटांड गांव के पास सुबह करीब आठ बजे हुई। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि ऑटो में सवार तीन स्कूली बच्चों की मौत हो गई और वाहन चालक की भी जान चली गई।

चार छात्र घायल

उन्होंने कहा कि दुर्घटना में चार छात्र भी घायल हुए हैं। उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. मृत्युंजय कुमार सिंह ने बताया कि चार घायल विद्यार्थियों को अस्पताल लाया गया, जिनमें से एक को रांची के राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर कर दिया गया। कुछ अभिभावकों ने बताया कि दुर्घटना का शिकार हुए विद्यार्थियों की उम्र करीब 10 वर्ष थी और जिस समय हादसा हुआ वे जो स्कूल जा रहे थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कड़ाके की ठंड के मद्देनजर 13 जनवरी तक स्कूल बंद रखने के सरकारी आदेश के बावजूद निजी स्कूल खुला हुआ था। रामगढ़ के उपायुक्त चंदन कुमार ने बताया कि वे जांच करेंगे कि सरकारी आदेश का उल्लंघन कर स्कूल कैसे खुला था और कार्रवाई करेंगे। इस बीच, गुस्साए लोगों ने दुर्घटना के विरोध में रामगढ़-बोकारो राष्ट्रीय राजमार्ग-23 पर जाम लगा दिया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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