Jhunjhunu News: महाराष्ट्र पुलिस के मादक पदार्थ विरोधी दस्ते ने राजस्थान के झुंझुनू जिले में चल रही ‘मेफेड्रोन’ बनाने वाली एक अवैध फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में करीब 100 करोड़ रुपये की कीमत वाले प्रतिबंधित नशीले पदार्थ, रासायनिक सामग्री और उपकरण बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। पुलिस के अनुसार, रविवार को मीरा-भायंदर–वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस के एंटी नारकोटिक्स सेल (एएनसी) ने फैक्टरी पर छापा मारा, जिसके दौरान एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया। मामले की आगे जांच जारी है।
कब शुरू हुई कार्रवाई?
यह कार्रवाई चार अक्टूबर को एंटी नारकोटिक्स सेल (एएनसी) की टीम द्वारा खुफिया जानकारी के आधार पर की गई तलाशी के बाद शुरू हुई थी। ठाणे जिले में अभियान के शुरुआती चरण में लगभग 501.6 ग्राम मेफेड्रोन मादक पदार्थ, आठ मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें जब्त की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये बताई गई। एमबीवीवी पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस अभियान के बाद कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।
चार और आरोपियों की गिरफ्तारी
इसके बाद काशीगांव थाने में मादक और नशीले पदार्थों से संबंधित एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और इस दौरान लगभग 20 लाख रुपये मूल्य के मेफेड्रोन के साथ दो कारें, एक मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन जब्त किए गए। जांच के दौरान प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर एमबीवीवी पुलिस की एक टीम को राजस्थान भेजा गया।
फैक्टरी पर छापा मारा गया
अधिकारियों के अनुसार, रविवार को टीम ने झुंझुनू में एक फैक्टरी पर छापा मारा, जहां अनिल विजयपाल सिहाग नामक व्यक्ति कथित तौर पर अवैध तरीके से मेफेड्रोन का उत्पादन कर रहा था। इस कार्रवाई में लगभग 10 किलोग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ, विभिन्न रसायन और निर्माण से जुड़े उपकरण जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं, फैक्टरी में मौजूद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
(इनपुट - भाषा)
