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Rajasthan News: 'जहां औरतों की इज्जत नहीं, ऐसे मंत्री को...', स्वास्थ्य मंत्री के 'नाचते-कूदते' वाले बयान पर भड़के प्रसूताओं के परिजन

Rajasthan News: बीकानेर के अस्पताल में दो गर्भवती महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है। इस बीच, राज्य के चिकित्सा मंत्री के एक विवादित बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाएं अस्पताल में 'नाचते-कूदते' आई थीं और उनका केस पहले से बिगड़ा हुआ था।

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मंत्री के विवादित बयान से भड़का परिजनों का गुस्सा

Photo : Times Now Digital

Rajasthan News: राजस्थान के बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की बिगड़ती तबीयत को लेकर माहौल पहले से ही तनावपूर्ण था, लेकिन अब इस मामले ने एक बड़ा सियासी और मानवीय रूप ले लिया है। हाल ही में राज्य (Bikaner hospital case) के चिकित्सा मंत्री द्वारा दिए गए एक विवादित बयान ने आग में घी डालने का काम किया है।

मंत्री महोदय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह दिया कि महिलाएं अस्पताल में "नाचते-कूदते" आई थीं और उनकी हालत पहले ही खराब थी। इस संवेदनहीन बयान के बाद पीड़ित परिवारों का गुस्सा फूट पड़ा है।

परिजनों का छलका दर्द

अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही प्रसूता (गर्भवती) शारदा के परिजनों ने रोते हुए मंत्री के बयान पर गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा, "जहां औरतों की इज्जत नहीं की जाती, ऐसे मंत्री को अपनी कुर्सी पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।"

मंत्री के इस दावे को खारिज करते हुए कि महिलाएं कहीं और इलाज करा रही थीं, परिजनों ने साफ किया कि शारदा का शुरुआती तीन महीनों से इसी अस्पताल में नियमित इलाज चल रहा था। वह किसी और अस्पताल नहीं गईं।

परिजनों ने भावुक होकर कहा कि वह नाचते-कूदते तो नहीं, लेकिन बिल्कुल स्वस्थ हालत में डिलीवरी के लिए यहां आई थीं। मगर अस्पताल की लापरवाही के कारण आज स्थिति यह है कि उसके शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया है।

दो पीड़िताओं की हालत गंभीर

वहीं पर दूसरी तरफ शारदा के साथ-साथ एक अन्य प्रसूता प्रीति की स्थिति भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है। वह इस समय आईसीयू (ICU) में भर्ती है। प्रीति के साथ केवल एक महिला मौजूद है, जिसके कारण उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

इस बीच, अस्पताल प्रशासन का रवैया भी सवालों के घेरे में है। प्रशासन ने आईसीयू में मीडिया के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ का कहना है कि उन्हें ऊपर से आदेश मिले हैं कि किसी भी पत्रकार को अंदर न जाने दिया जाए। मामले को दबाने की इस कोशिश और मंत्री के संवेदनहीन बयान ने स्थानीय लोगों और मरीजों के परिवारों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है।

Lakhveer Singh Shekhawat
लखवीर सिंह शेखावतauthor

पत्रकारिता में पिछले सात साल से सक्रिय हैं, वर्तमान में Times Now नवभारत में राजस्थान ब्यूरो हेड हैं। इससे पहले, ज़ी मीडिया और न्यूज़18 नेटवर्क के राजस्थान चैनल के लिए दिल्ली ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य किया है। उन्होंने जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से बीजेएमसी की डिग्री प्राप्त की और राजस्थान यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी में डिग्री हासिल की है। राजस्थान से संबंधित समाचारों और ख़बरों पर विशेष पकड़ रखते हैं। साथ ही देश की प्रमुख राजनीतिक घटनाओं को कवर करने में भी विशेषज्ञता हासिल है।

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