राजस्थान के जोधपुर शहर से शनिवार को एक बेहद भावुक और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। शहर के महात्मा गांधी अस्पताल में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान वहां कार्यरत एक महिला स्टाफ नर्स अचानक सूबे के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पैरों में गिरकर फूट-फूटकर रोने लगी। नर्स अपने ट्रांसफर की मांग को लेकर इतनी ज्यादा भावुक थी कि मंत्री के आश्वासन के बाद भी वह खुद को रोक नहीं पाई। इस दौरान मौके पर मौजूद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आगे बढ़कर महिला को ढांढस बंधाया और शांत कराया।
सीकर की रहने वाली हैं नर्स, 2020 से जोधपुर में हैं तैनात
मिली जानकारी के मुताबिक, भावुक होने वाली स्टाफ नर्स की पहचान सुनीता चौधरी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सीकर जिले की रहने वाली हैं। सुनीता चौधरी साल 2020 से जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में पदस्थापित हैं और लंबे समय से अपने गृह जिले या नजदीकी क्षेत्र में ट्रांसफर की मांग कर रही थीं।
शनिवार को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर अस्पताल में स्पाइन सेंटर और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। जैसे ही चिकित्सा मंत्री कार्यक्रम स्थल पर दाखिल हुए, सुनीता चौधरी अपनी फरियाद लेकर उनके सामने पहुंच गईं।
पैर पकड़कर रोईं सुनीता
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपनी बात कहते-कहते सुनीता अचानक बेहद भावुक हो गईं और रोते हुए सीधे चिकित्सा मंत्री खींवसर के पैरों में गिर गईं। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद अधिकारी और नेता कुछ क्षणों के लिए असहज हो गए। चिकित्सा मंत्री ने तुरंत उन्हें संभालते हुए कहा, मैं तुम्हारा ट्रांसफर करवा दूंगा, आप शांत हो जाइए। लेकिन मानसिक दबाव और परेशानी से जूझ रही सुनीता रोते हुए बार-बार यही कहती रहीं, सर, मैं बहुत परेशान हूं, मेरा ट्रांसफर करवा दीजिए। इस दौरान पास ही खड़े केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्थिति को संभाला। उन्होंने सुनीता को समझाया, धैर्य रखने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या का उचित प्रक्रिया के तहत जल्द समाधान निकाला जाएगा। इसके बाद माहौल सामान्य हुआ और कार्यक्रम आगे बढ़ा।
