Jamui Crime News: बिहार के जमुई में एक छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ और बर्बरता की घटना पर राज्य सरकार के मंत्रियों और नेताओं के बयानों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। जहां एक तरफ विपक्ष इसे कानून व्यवस्था की नाकामी बता रहा है, वहीं घटना पर कुछ नेताओं के विवादित बयान भी सामने आ रहे हैं। बिहार के ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने इस गंभीर मामले को एक 'छिटपुट मामला' बताते हुए कहा कि ऐसी कोई भी घटना दुखद है और सरकार मामले की पूरी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। इससे पहले JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी घटना को ‘छिटपुट’ करार दे चुके हैं।
मंत्री श्रवण कुमार ने क्या कहा?
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में इस तरह की छिटपुट घटनाएं हो रही हैं, जिससे इनकार नहीं किया जा सकता और जो भी घटनाएं हो रही हैं सरकार इससे दुखी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए कानून के मुताबिक दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि "अपराध मुक्त पूरी दुनिया भी नहीं है, कभी-कभार ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।" पूर्व के मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने दोहराया कि सख्त कार्रवाई के जरिए अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया गया है और इस मामले में भी किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
इससे पहले, जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का भी एक ऐसा ही बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने जमुई की इस बर्बरता को छिटपुट घटना बताया था। जिसपर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी। उमेश कुशवाहा ने कहा था कि सरकार इस घटना को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और प्रशासन अपनी कार्रवाई कर रहा है। साथ ही, उन्होंने 2005 से पहले के आरजेडी शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि आज की स्थिति उस दौर से काफी अलग है, जहां पुलिस और प्रशासन मुस्तैदी से काम कर रहा है।
जमुई कांड में अब तक 3 लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, 19 सितंबर को एक नाबालिग लड़की एक लड़के के साथ बाइक से जा रही थी। तभी कुछ युवकों ने उन्हें रास्ते में रोककर छात्रा के साथ छेड़छाड़ और अभद्रता की। मामले में अब तक 7-8 युवकों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने मामले में तीन नाबालिगों को पकड़ा है। बिहार पुलिस की एडीजी लॉ एंड ऑर्डर केएस अनुपम ने बताया कि पकड़े गए तीन आरोपियों में दो की उम्र 17 से 18 साल के बीच है। मामले में BNSS की धारा 128, 74 और 75 के अलावा POCSO एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच के लिए SIT गठित की गई है, जिसकी निगरानी जमुई SDPO कर रहे हैं।
