Chhattisgarh ACB Raids: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने राज्य के तीन शहरों में एक साथ की गई कार्रवाई के दौरान चार लोगों को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इन व्यक्तियों पर रिश्वत मांगने और लेने के गंभीर आरोप हैं। जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले में एसीबी ने एसडीएम कार्यालय में कार्यरत एक अमीन, एक पटवारी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को 1.80 लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह कार्रवाई रायपुरा गांव (सक्ति जिला) के निवासी बुधराम धीवर की शिकायत पर की गई थी।
शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह और उसकी बहन को जांजगीर-चांपा के कोसमंदा गांव में स्थित अपनी जमीन के अधिग्रहण के बदले राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत अगस्त 2025 में 35.64 लाख रुपये का मुआवजा स्वीकृत हुआ था। इसी मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले संबंधित अधिकारियों ने कथित रूप से रिश्वत की मांग की थी। अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के आधार पर जांच में पता चला कि चांपा एसडीएम कार्यालय की भूमि अधिग्रहण शाखा में तैनात अमीन-पटवारी बिहारी सिंह और ऑपरेटर राजकुमार ने मुआवजा राशि जारी कराने में मदद करने के बहाने 1.80 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
इतनी-इतमी रिश्वत मांगी
शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने गुरुवार को छापा मारते हुए दोनों को शिकायतकर्ता बुधराम धीवर से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वहीं, एक अन्य कार्रवाई में एसीबी ने बस्तर जिले में एक लिपिक को 25 हजार रुपये की घूस स्वीकार करते समय पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार, दरभा क्षेत्र के निवासी सामनाथ बघेल ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी सामबती बघेल की 27 मई 2025 को सांप के काटने से मृत्यु हो गई थी। मुआवजा पाने के लिए जब उन्होंने दरभा तहसील कार्यालय में तैनात क्लर्क हेम कुमार पाणिग्रही से संपर्क किया, तो पाणिग्रही ने फाइल आगे बढ़ाने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत की जांच के बाद एसीबी दल ने जाल बिछाकर पाणिग्रही को 25 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया।
इस तरह से हुई गिरफ्तारी
अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान यह सामने आया कि हेम कुमार पाणिग्रही ने प्रारंभिक मांग के बाद रिश्वत की राशि घटाकर 25 हजार रुपये पर सहमति जताई थी। एसीबी टीम ने जाल बिछाकर उसे उस समय गिरफ्तार किया जब वह शिकायतकर्ता सामनाथ बघेल से 25 हजार रुपये स्वीकार कर रहा था। इसी तरह, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में एक और कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के उप अभियंता को 21 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि मनेंद्रगढ़ के निवासी अंकित मिश्रा ने शिकायत की थी कि उन्हें लोक निर्माण विभाग द्वारा मनेंद्रगढ़ व्यवहार न्यायालय परिसर में बार रूम विस्तार कार्य का ठेका मिला था और इसके लिए वर्क ऑर्डर भी जारी किया गया था।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
अधिकारियों के अनुसार, शिकायत में उल्लेख किया गया था कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू करने के लिए शिकायतकर्ता अंकित मिश्रा ने भौतिक सत्यापन हेतु लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता सी.पी. बंजारे से संपर्क किया। इस दौरान बंजारे ने कार्य का सत्यापन करने और बिल पास कराने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत की जांच के बाद पुष्टि हुई कि आरोपी ने रकम घटाकर 21 हजार रुपये लेने पर सहमति दी थी। इसके बाद एसीबी टीम ने जाल बिछाया और जब बंजारे शिकायतकर्ता से 21 हजार रुपये प्राप्त कर रहा था, तभी उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
(इनपुट - भाषा)
Read the Raipur Latest News in Hindi, Raipur Local News in Hindi, Raipur Breaking News and Updates, Raipur News Headlines, Raipur Hindi News Paper & रायपुर (न्यूज़) समाचार @ Times Now Navbharat
