रायपुर : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में अब पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। B.Sc. कृषि सेकंड ईयर के दूसरे सेमेस्टर की कीट शास्त्र (Entomology) परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच गया था। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में पदस्थ प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। जांच में सामने आया कि 17 अगस्त को वह रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय पहुंचा था। यहां उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के साथ उसे आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी मिले थे। आरोप है कि योगेश ने कीटशास्त्र का प्रश्नपत्र अपने पास रख लिया और उसे घर ले गया। वहां लिफाफे को खोले बिना उसमें बेहद छोटा छेद कर मोबाइल कैमरे की मदद से प्रश्नपत्र की तस्वीरें और वीडियो तैयार किए गए। इसके बाद प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार कर छात्रों तक पहुंचाई गई।
11 से 12 हजार रुपये में बेचा गया था पेपर
पुलिस जांच के अनुसार, यह पेपर करीब 11 से 12 हजार रुपये में छात्रों को बेचा गया और फिर कई अन्य छात्रों तक पहुंचा। देखते ही देखते प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जब विश्वविद्यालय प्रबंधन को इसकी जानकारी मिली तो 20 अगस्त को होने वाली परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज हुई और पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। अलग-अलग टीमों को रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर भेजा गया। करीब 36 घंटे की लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े आरोपियों तक पहुंच बनाई।
रायपुर पुलिस डीसीपी क्राइम स्मृतिल राजनाला ने बताया कि कार्रवाई के दौरान 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम लगाई गई थी। रायपुर के साथ दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर समेत कई जिलों में पुलिस टीमों ने दबिश दी। जांच के दौरान आरोपियों से 11 हजार रुपये, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल से मिले सबूतों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पूछताछ में पेपर लीक से जुड़े कई अहम सुराग मिले, जिसके बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
