Punjab Private School Fees: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को कहा कि राज्य में निजी स्कूल अब सालाना पांच प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि नहीं कर सकेंगे और इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में एक सख्त कानून लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से कहा कि निजी स्कूलों को फीस में मनमानी बढ़ोतरी की अनुमति नहीं दी जाएगी और अधिकतम वृद्धि पांच प्रतिशत सालाना तक सीमित रहेगी।
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि उन्हें कई अभिभावकों और छात्रों से शिकायतें मिली थीं कि फीस न देने पर स्कूल रोल नंबर या प्रमाण पत्र रोकने की धमकी देते हैं। उन्होंने कहा, ''पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पांच प्रतिशत प्रति वर्ष से अधिक नहीं होगी। वे केवल पांच प्रतिशत ही फीस बढ़ा सकेंगे।''
अतिरिक्त फीस वापस करेंगे स्कूल
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नियम केवल ट्यूशन फीस पर ही नहीं, बल्कि सभी प्रकार की फीस पर लागू होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन स्कूलों ने पिछले तीन वर्ष में 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें वह अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी। मुख्यमंत्री मान ने बताया कि इस संबंध में एक सख्त कानून लाया जाएगा, जो देशभर में सबसे कठोर कानून होगा। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर जुर्माना लगाया जाएगा और बार-बार उल्लंघन की स्थिति में उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
CM मान ने अमरिंदर सिंह पर कसा तंज
इससे पहले, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तंज कसते हुए कहा था कि राज्य भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों हमेशा से कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते थे और 'अब दोनों नेताओं के रास्ते अलग होते दिख रहे हैं', और इस बदलाव के कारण केवल वे ही जानते हैं। दोनों के बीच गर्मजोशी में कमी क्यों आई है, यह एक रहस्य बना हुआ है।
वे पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह के उस बयान पर मीडिया के सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने ढिल्लों को पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने से खुद को अलग करते हुए कहा था कि पार्टी नेतृत्व द्वारा लिए गए इस फैसले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
