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Pune: महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार पुणे में, लगातार दूसरे साल मिला 'शर्मनाक दर्जा'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 11, 2023, 09:58 PM IST

Pune: भ्रष्‍टाचार और रिश्‍वतखोरी के मामले में पुणे लगातार दूसरे साल पहले पायदान पर बना हुआ है। एसीबी द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में बताया गया कि पुणे में वर्ष 2022 में रिश्‍वतखोरी के सबसे अधिक मामले दर्ज हुए। यहां पर घूसखोरी के 155 मामले दर्ज कर 223 को गिरफ्तार किया गया। भ्रष्‍टाचार के मामले में दूसरे स्‍थान पर नासिक शहर है।

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भ्रष्‍टाचार के मामले में पुणे सबसे आगे (प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • पुणे में घूसखोरी के 155 मामले दर्ज कर 223 को पकड़ा
  • नासिक डिवीजन में 126 मामले दर्ज कर 178 की गिरफ्तार
  • पूरे राज्‍य में 720 मामले दर्ज कर 1033 लोगों की गिरफ्तारी


Pune: महाराष्‍ट्र के प्रमुख शहरों में शामिल पुणे को एक शर्मनाक दर्जा मिला है। यह शहर भ्रष्‍टाचार और रिश्‍वतखोरी के मामले में पूरे महाराष्ट्र में पहला स्‍थान हासिल किया है। वर्ष 2022 में यहां पर रिश्‍वतखोरी सबसे अधिक मामले दर्ज हुए हैं। इसके बाद दूसरे स्‍थान पर नासिक शहर मौजूद है। रिश्वतखोरी के मामलों में पुणे को लगातार दूसरे साल पहला स्थान मिला है। महाराष्‍ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने हाल ही में राज्‍य में रिश्वतखोरी के अपराधों और आरोपियों के आंकड़े जारी किए हैं। जिसमें पुणे को पहले नंबर पर रखा गया है।

एसीबी के इस रिपोर्ट के अनुसार पुणे के सरकारी दफ्तर से लेकर अर्धसरकारी कार्यालयों तक भ्रष्‍टाचार ने गहरी जड़े जमा ली हैं। यहां पर बगैर घूस दिए आम नागरिकों का कोई काम नहीं होता है। एसीबी ने अपने रिपोर्ट में रिश्‍वतखोरी के बदलते पैटर्न के बारे में भी जिक्र किया है। एसीबी के अनुसार, यहां पर रिश्‍वत के रूप में नकद के बदले सोने के आभूषण या बड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान की मांग की जाती है। इस रिपोर्ट में सबसे हैरान करने वाला खुलासा यह हुआ है कि, रिश्वत मांगने में महिला कर्मचारी पुरुषों से आगे हैं। पुलिस और राजस्व विभाग की महिला अधिकारियों व कर्मचारियों ने सबसे ज्यादा रिश्वत मांगी। महिलाओं में बढ़ते इस रिश्‍वतखोरी ने आभूषणों और इलेक्‍ट्रॉनिक सामान को रिश्‍वत के रूप में स्‍वीकार्य करने के चलन को बढ़ावा दिया है।

पुणे में घूसखोरी के 155 मामले दर्ज, 223 रंगेहाथ गिरफ्तार

एसीबी की इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में पुणे संभाग में घूसखोरी के 155 मामले दर्ज किए गए हैं। साथ ही 223 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। वहीं, नासिक डिवीजन में 126 मामले दर्ज हुए हैं और 178 अधिकारी व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। रिश्‍वतखोरी के इस मामले में औरंगाबाद तीसरे स्थान पर है। यहां पर एसीबी ने 122 ट्रैप लगाकर 157 लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं नागपुर मंडल में 74 ट्रैप लगाकर 101 लोगों को रिश्‍वत लेते गिरफ्तार किया गया। एसीबी के अनुसार, सबसे ज्‍यादा भ्रष्‍टाचार पुलिस और राजस्व विभाग में फैला है। एसीबी ने बीते साल राजस्व विभाग में 175 ट्रैप लगाकर 246 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, पुलिस विभाग में रिश्वत लेने वालों के खिलाफ 160 ट्रैप लगाकर 224 आरोपितों को गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार, वर्ष 2022 में पूरे राज्य में भ्रष्‍टाचार के 720 मामले दर्ज किए गए। साथ ही रिश्‍वत लेते 1033 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

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