Maharashtra Cough Syrup Seize: मध्य प्रदेश और राजस्थान में कुछ बच्चों की खांसी की दवा के कारण मौतों की घटनाओं के बाद, महाराष्ट्र का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में पुणे में FDA ने रेडिनेक्स फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित खांसी की दवा रेस्पिफ्रेश TR का बड़ा स्टॉक जब्त किया है। बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद राज्य FDA ने खांसी की दवा बनाने वाली कंपनियों की व्यापक जांच शुरू की है। इसके अलावा, मेडिकल स्टोर और सरकारी अस्पतालों से भी दवाओं के नमूने एकत्र कर उनकी जांच की जा रही है, ऐसा खाद्य एवं औषधि विभाग के संयुक्त आयुक्त गिरीश हुकारे ने बताया।
औषधि विभाग के संयुक्त आयुक्त गिरीश हुकारे ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में जिस दवा से बच्चों की मौत हुई, वह महाराष्ट्र में उपलब्ध नहीं है। केंद्रीय सरकार ने दो साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार की कफ सिरप न देने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। माता-पिता और डॉक्टरों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। वर्तमान में FDA का यह अभियान पूरे राज्य में जारी है, जिसमें खांसी की दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इससे पहले, मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने छह राज्यों में दवा निर्माण इकाइयों की जोखिम-आधारित जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह जांच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में की जा रही है। जांच के तहत कुल 19 दवाओं के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें खांसी की दवाएं, एंटीबायोटिक्स और बुखार की दवाएं शामिल हैं। इस कार्रवाई की शुरुआत शुक्रवार से हुई है। इसका मुख्य उद्देश्य दवा निर्माण प्रक्रिया में संभावित कमियों का पता लगाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम सुझाना है।