पुणे

महाराष्ट्र में बड़ा हादसा, गन्ने से भरा ओवरलोड ट्रक पलटा, 6 मजदूरों की मौत 11 घायल

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में गन्ने से भरा एक ओवरलोड ट्रक पलटने से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 11 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।

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सांकेतिक फोटो

छत्रपति संभाजीनगर : कन्नड़ पिशोर घाट पर रविवार रात एक भयंकर हादसा हुआ। गन्ने से भरा एक ओवरलोड ट्रक पलटने से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 11 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना रात एक बजे के आसपास घटित हुई, जब गन्ने से लदा ट्रक पिशोर की ओर से कन्नड़ जा रहा था। रास्ते में एक घाट के पास ट्रक का संतुलन बिगड़ा और वह पलट गया। इस दौरान ट्रक पर लगभग 17 मजदूर सवार थे, जो सड़क पर गिर गए और उन पर गन्ने का भारी ढेर गिर गया।

ट्रक के नीचे दबे श्रमिक

पुलिस और स्थानीय प्रशासन की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे बचाव दल ने नीचे गिरे गन्ने को हटाया, लेकिन तब तक 5 से 6 मजदूरों की गन्ने के नीचे दबकर मौत हो चुकी थी। जबकि 11 मजदूरों को गंभीर रूप से घायल अवस्था में छत्रपति संभाजीनगर और चालीसगांव के सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है और मजदूरों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।

पिशोर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर रंगराव सानप के अनुसार, यह घटना रात के समय हुई जब ट्रक ओवरलोड होने के कारण घाट पर पलट गया। घायलों में से कई की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, और उन्हें त्वरित इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। मरने वाले मजदूरों में किसान धरमू राठौड़ (30), मनोज नामदेव चव्हाण (23), कृष्ण मूलचंद राठौड़ (30), मिथुन महारू चव्हाण (26), सतकुड, कन्नड़ के 28 वर्षीय और ज्ञानेश्वर देवीदास चव्हाण (36) शामिल हैं।

इस दर्दनाक घटना से इलाके में शोक की लहर है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने घायलों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है और इस हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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