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Gorakhpur News: गोरखपुर-बस्ती मंडल में लगेगा प्रीपेड स्मार्ट मीटर, 30 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की हुई जियो टैगिंग

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और बस्ती मंडल में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। स्मार्ट मीटर के बाद उनकी जियो टैगिंग भी की जा रही है। अभी तक 30 हजार उपभोक्ताओं के मीटरों की जियो टैगिंग कर ली गई है।

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गोरखपुर-बस्ती मंडल में लगेगा प्रीपेड स्मार्ट मीटर

Photo : iStock

Gorakhpur News: यूपी के गोरखपुर और बस्ती जिले में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जीनस कंपनी को दिया गया है। ये कंपनी सभी उपभोक्ताओं के परिसर में जाकर जियो टैगिंग भी करेगी। बता दें कि दोनों मंडलों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार बिजली का प्रीपेड रिचार्ज करवा सकते हैं। जिस प्रकार मोबाइल का रिचार्ज किया जा सकता है, ठीक उसी तरह से अब बिजली का प्रीपेड रिचार्ज भी किया जा सकेगा।

गोरखपुर-बस्ती में लगेंगे 34 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर

जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना में 34 लाख बिजली उपभोक्ताओं के परिसर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा गोरखपुर-बस्ती मंडल में 27 लाख मीटर लगाने को लेकर स्वीकृति मिल गई है। बता दें कि 27 लाख उपभोक्ताओं के परिसर में मीटर लगाने का कार्य पूरा करने के बाद अन्य बचे उपभोक्ताओं के परिसर में भी स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य पूरा किया जाएगा।

जियो टैगिंग के साथ लगाए गए मीटर

मिली जानकारी के अनुसार, मीटर लगाने का कार्य शुरू करने से पहले फीडरों और ट्रांसफार्मरों की जियो टैगिंग की गई। उसके बाद उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। मीटर लगने के बाद कंपनी के कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं के परिसर में जाकर जियो टैगिंग का कार्य शुरू किया। गोरखपुर-बस्ती मंडल में करीब 30 हजार उपभोक्ताओं के मीटर की जियो टैगिंग का कार्य पूरी हो चुका है। इस कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।

इतने महीने में पूरा होगा मीटर और जियो टैगिंग का कार्य

गोरखपुर-बस्ती मंडल में स्मार्ट मीटर लगाने का और उनकी जियो टैगिंग का कार्य जीनस कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कंपनी के चीफ जनरल मैनेजर ने बताया कि मीटर लगाने में 27 महीने का समय लगेगा। लेकिन इसकी जियो टैगिंग 3 महीने में पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि इस कार्य को पूरा करने के लिए अभी 200 से अधिक कर्मचारी कार्य में जुटे हुए हैं। काम को तेजी से पूरा करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 500 करने की तैयारी की जा रही है। मीटरों की जियो टैगिंग 38 मानकों के आधार पर की जा रही है। मीटर लगाने से लेकर जियो टैगिंग तक, पूरी प्रक्रिया होने के बाद हर कनेक्शन ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। ऐसे में आप आसानी से अपने मोबाइल से इलेक्ट्रिसिटी रिचार्ज कर सकते हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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