प्रयागराज

Maha Kumbh 2025: कुंभ मेले के लिए रेलवे ने बनाया खास प्लान, पहली बार शुरू हो रही है स्पेशल मेमू ट्रेन

Kumbh Mela: क्या आप जानते हैं कि अगले साल आयोजित हो रहे महाकुंभ 2025 के लिए भारतीय रेल ने क्या कुछ खास तैयारियां की है? उत्तर प्रदेश के धर्मस्थलों को संगम से जोड़ने का प्लान हो रहा है। ऐसे में कुंभ मेले में प्रयागराज, अयोध्या और वाराणसी सर्किट के लिए विशेष मेमू ट्रेन चलाई जाएंगी।

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महाकुंभ के लिए रेलवे ने बनाया बड़ा प्लान।

Special Train for Maha Kumbh: प्रयागराज में अगले साल आयोजित होने वाले महाकुंभ के रेलवे ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या में रामलला और वाराणसी में बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए पहली बार ‘फास्ट रिंग मेमू’ सेवा शुरू करने की तैयारी की है।

प्रयागराज से वाराणसी और अयोध्या को कनेक्ट करेगी ये ट्रेन

मंडल रेल प्रबंधक हिमांशु बडोनी ने यहां बताया कि यह ‘फास्ट रिंग मेमू’ सेवा प्रयागराज से अयोध्या और वाराणसी होकर प्रयागराज आएगी। इसी तरह दूसरी ट्रेन प्रयागराज से वाराणसी और अयोध्या होते हुए प्रयागराज आएगी। उन्होंने बताया कि मुख्य स्नान पर्वों को छोड़कर यह सेवा सभी दिन उपलब्ध रहेगी और प्रतिदिन प्रयागराज से दो मेमू सेवा (एक वाराणसी और दूसरी अयोध्या की तरफ) का संचालन होगा।

कुंभ मेले में पहली बार शुरू होने जा रही है ये सेवा

प्रयागराज मंडल पहली बार कुंभ मेले में यह सेवा शुरू करने जा रहा है। बडोनी ने बताया कि कुंभ मेले में व्यस्ततम दिनों में 825 ट्रेनें चलाने की तैयारी है जबकि पिछले कुंभ मेले (2019) में व्यस्ततम दिनों में 694 ट्रेनें चलाई गई थीं। उन्होंने बताया कि ये ट्रेनें कम दूरी (200 किलोमीटर तक की) की यात्रा के लिए होंगी। वहीं लंबी दूरी के लिए उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 400 ट्रेनें चलाने की मंजूरी दी गई है। इस प्रकार से मेले के दौरान कुल 1225 ट्रेनें चलाई जाएंगी।

बडोनी ने बताया कि रेलवे का खास जोर आपदा की आशंका को न्यूनतम करने पर है, जिसके लिए रेलवे के तीनों जोन उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे युद्ध स्तर पर तैयारी कर रहे हैं।

क्या आप जानते हैं कि प्रयागराज में कितने रेलवे स्टेशन हैं?

प्रयागराज में उत्तर मध्य रेलवे के चार स्टेशन, उत्तर रेलवे के तीन स्टेशन और पूर्वोत्तर रेलवे के दो स्टेशन हैं। बडोनी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज मंडल ने एक टोल फ्री नंबर 1800-4199-139 तैयार किया है, जो एक नवंबर से चालू हो जाएगा। इस नंबर पर यात्री कहीं से भी अपनी मातृभाषा में सभी तरह की सुविधाओं की जानकारी ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में 21 रेलवे ओवरब्रिज या रेलवे अंडरब्रिज कुंभ मेले से पहले चालू हो जाएंगे, जिससे भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी।

अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा, प्रयागराज जंक्शन पर एकीकृत मेला नियंत्रण टावर स्थापित किया गया है जो भीड़ नियंत्रित करने में अहम भूमिका अदा करेगा। बडोनी ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दूसरे जिलों से 8,000 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा, जिसमें रेलवे सुरक्षा बल के 2200 कर्मचारी शामिल हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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