STF Exposed Gang: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर खातों से रकम चोरी वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में एसटीएफ की प्रयागराज फील्ड इकाई ने तीन शातिरों को विंध्याचल के गैपुरा चौराहे से अरेस्ट किया है। तीनों ने एसटीएफ की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे भी किए हैं। एसटीएफ के फील्ड इकाई प्रयागराज के उपाक्षीक्षक नवेंदु कुमार के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली कि मिर्जापुर जिले के विंध्याचल इलाके के गैपुरा चौराहे पर स्थित एसबीआई के एटीएम से कुछ लोग एटीएम बदलकर लोगों के खातों से रुपये निकाल लेते हैं।
इस पर एसटीएफ ने जाल बिछाकर सोमवार की शाम 7:50 बजे तीन संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ की टीम ने इनके कब्जे से 12 एटीएम कार्ड, दो मोबाइल, एक बाइक और एटीएम से ठगी कर निकाले गए 3000 रुपये बरामद किए।
आरोपियों ने किए चौंकाने वाले खुलासे
गिरफ्तार आरोपियों में नीरज कुमार यादव पुत्र शिवशंकर यादव निवासी रमई पुर थाना हंडिया प्रयागराज, रामू भारतीया पुत्र दयाराम भारतीया निवासी ग्राम खपटिहां हंडिया प्रयागराज और अंशुमान सिंह पुत्र इंद्रेश सिंह खपटिहां शामिल हैं। पूछताछ में जानकारी मिली कि गैंग के मास्टर माइंड रामू भारतीया पर 16 से ज्यादा मुकदमे कई थानों में दर्ज हैं। उप अधीक्षक नवेंदु कुमार के अनुसार, तीनों शातिर एटीएम बदलकर खाताधारकों के रुपये निकालते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि वह ऐसे एटीएम की खोज करते थे जहां सिक्योरिटी गार्ड नहीं होते थे। सिक्योरिटी गार्ड के न होने से आसानी से वारदात को अंजाम दे देते थे।
दूसरे राज्यों में जाकर एटीएम से निकालते थे रकम
आरोपियों ने खुलासा किया कि वो ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाते थे जो अधिक पढ़े लिखे नहीं होतो थे। मदद के बहाने उसका एटीएम बदल लेते थे। जब वह हमारे एटीएम से रुपये निकालने का प्रयास करता और पिन डालता तो हम उसी समय उसका पिन देख लेते थे। एटीएम मिलने के बाद आरोपी उस एटीएम से दूसरे राज्यों में जाकर रकम निकालते थे। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि नौ जनवरी को उरुवा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से कार्ड बदलकर पांच हजार रुपये निकाले थे। आरोपियों ने यह रकम आपस में बांट ली थी। जब उसी एटीएम से गैपुरा चौराहे पर स्थित स्टेट बैंक के एटीएम से रुपये निकालने आए तो एसटीएफ ने आरोपियों को दबोच लिया।
