Traffic Jam in MahaKumbh: संगम की धरती पर 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में तीन शाही स्नान हो चुका है, पहला शाही स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति का हुआ तो वहीं दूसरा शाही स्नान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या और तीसरा 3 फरवरी को बसंत पंचमी का हो चुका है, ऐसे में अब चौथ स्नान 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा का होना है, इस स्नान से पहले ही लोगों के आने का सिलसिला लगातार जारी है।
रोजाना की संख्या में लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन महाकुंभ क्षेत्र में पहुंच रहे हैं, इनमें से ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो अपने निजी वाहनों से भी पहुंच रहे हैं। जिसके चलते प्रयागराज से लेकर महाकुंभ क्षेत्र तक भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो रखी है, इस जाम को दुरुस्त करने में पुलिसकर्मी भी इस कड़ाके की धूप में डटे हुए हैं और शहर के अंदर प्रवेश करते ही बाहरी गाड़ियों को बनाए गए जगह-जगह पार्किंग स्थल पर गाड़ियों को पार्क कराया जा रहा है।
ज्यादातर पार्किंग फुल हो चुके हैं, नेहरू पार्क के पास बने दो पार्किंग स्थलो पर आपकी नजर जहां तक जाएगी सिर्फ गाड़ियां ही गाड़ियां नजर आएंगी, शहर के अंदर ट्रैफिक बढ़ने से संगम में स्नान करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
'टाइम्स नाउ नवभारत' ने भी सड़कों पर निकल जब जाम की स्थिति व पार्किंग स्थल पर खड़ी गाड़ियों का जायजा लिया तो निकलकर सामने यह भी आया कि लोग अपनी गाड़ियों को पार्क करके भूल गए हैं, या यूं कहें गाड़ी कहां खड़ी है उनको याद नहीं आ रहा है, लोगों को अपनी गाड़ियों को ढूंढने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
गाड़ियों की कई किलोमीटर तक लंबी लाइन
'टाइम्स नाउ नवभारत' की टीम कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर पहुंची तो वहां गाड़ियों की कई किलोमीटर तक लंबी लाइन नजर आई, लोगों ने बताया कि एक किलोमीटर का सफर तय करने के लिए दो से ढाई घंटे लग जा रहे हैं। कानपुर-प्रयागराज के रोड पर बने दो पार्किंग स्थलों से जायजा लिया गया तो निकलकर सामने आया यहां पर हजारों की संख्या में गाड़ियां खड़ी हैं। इन जगहों पर गाड़ी पार्क करने में भी लोगों को दिक्कत हो रही है।जबकि यहां से संगम की दूरी लगभग 10 से 12 किलोमीटर की है, लोग अपनी गाड़ियों को पार्क कर ट्रॉली व ई रिक्शा से जाते दिखाई दिए।
पार्किग स्थल में गाड़ी पार्क करने के दौरान काफी मशक्कत करनी पड़ रही है
अब तक 42 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं, जबकि अभी दो स्नान बाकी है, अंतिम स्नान 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का है। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त बनाने में लगे पुलिस कर्मियों से भी बातचीत की गई, उन्होंने बताया कि पार्किग स्थल में गाड़ी पार्क करने के दौरान काफी मशक्कत करनी पड़ रही है, इसके साथ ही पार्किंग में उड़ रही धूल का भी सामना करना पड़ रहा है जिसके चलते उन्होंने अपील की है कि नगर निगम में पार्किंग स्थलों पर पानी का छिड़काव करें जिससे ड्यूटी करने में आसानी हो और श्रद्धालुओं को भी दिक्कतें पेश ना आएं।
