प्रयागराज

Holi Festival 2023: संगम नगरी में यहां की होली होती है अद्भुत, रंगों के साथ ये होता है आयोजन, जानें पूरी कहानी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 2, 2023, 05:55 PM IST

Holi Festival 2023: शहर के लोकनाथ और चौक इलाके में हुड़दंग व कपड़ा फाड़ होली की एक अपनी अलग ही खासियत है। इसका नजारा ऐसा होता है कि, जान कर आप भी दंग रह जाएंगे। जहां एक तरफ छतों से पाइप के जरिए रंगों की बौछार होती है। वहीं दूसरी ओर हजारों की संख्या में मतवाले सड़कों पर डीजे की धुन में थिरकते एक दूसरे के कपड़े फाड़कर होली की शुभकामना देते हैं। यही वजह है कि, इस इलाके में रंगों से सने फटे कपड़ों के ढेर लग जाते हैं।

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संगम नगरी प्रयागराज में लोकनाथ स्कावयर पर होती है अनूठी होली (प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • डीजे की धुनों पर थिरकते लोगों पर रंगीन पानी की बौछार की जाती है
  • लोग एक दूसरे के कपड़े फाड़कर होली की बधाई देते हैं
  • होलिका दहन से पहले इलाके के बाजारों में जमकर शाॅपिंग होती है


Holi Festival 2023: जीवन में रंगों के बिना सब अधूरा सा लगता है। रंगों व उल्लास के प्रतीक होली पर्व की अगर बात हो और उसमें संगम नगरी शामिल ना हो तो बड़ी नाइंसाफी होगी। वैसे तो होली का त्योहार देश के अलग- अलग हिस्सों में कई तरीकों से मनाया जाता है। मगर त्रिवेणी संगम की इस पौराणिक धर्म नगरी में होली बड़े ही अनूठे ढंग से मनाई जाती है।

शहर के लोकनाथ और चौक इलाके में हुड़दंग व कपड़ा फाड़ होली की एक अपनी अलग ही खासियत है। इसका नजारा ऐसा होता है कि, जान कर आप भी दंग रह जाएंगे। जंहा एक तरफ छतों से पाइप के जरिए रंगों की बौछार होती है। वहीं दूसरी ओर हजारों की संख्या में मतवाले सड़कों पर डीजे की धुन में थिरकते एक दूसरे के कपड़े फाड़कर होली की शुभकामना देते हैं। यही वजह है कि, इस इलाके में रंगों से सने फटे कपड़ों के ढेर लग जाते हैं। तो सड़कें भी सतरंगी हो जाती है। इस खास होली को देखने दूर दराज के लोग प्रयागराज आते हैं।

होलिका दहन से पहले होती है शाॅपिंग

संगम नगरी के लोकनाथ और चौक इलाके में शहर के सबसे बड़े बाजार पड़ते हैं। यहां पर पूरे जनपद से लोग शाॅपिंग के लिए आते हैं। होलिका दहन के बाद तक यहां पर बाजार ग्राहकों से गुलजार रहते हैं। लोग त्योहार की जमकर शाॅपिंग करते हैं। देर रात्रि के बाद बाजार बंद होने पर पूरे इलाके की सफाई करवाई जाती है। दूसरे दिन धुलंडी पर 10 बजे से रंगों की बौछार का सिलसिला दोपहर तक जारी रहता है।

यहां की होली की धमक कई शहरों तक

लोकनाथ और चौक बाजार में धुलंडी के दिन करीब 40 से 50 हजार लोग एक साथ इकट्ठे होते हैं। दर्जनों स्पीकर लगाए जाते हैं, जिनमें फाग बजता है। इसके अलावा कई क्विंटल गुलाब की पंखुड़िया, अबीर व गुलाल मंगवाई जाती है। इसके बाद फाग की धुनों पर थिरकते लोगों पर रंगों के पानी की बौछार की जाती है। ये सिलसिला दोपहर तक चलता है। लोग एक दूजे को होली की मुबारकबाद देकर कपड़े फाड़ते हैं। होली की इस मस्ती को देखने दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद व लखनऊ जैसे शहरों से लोग आते हैं।
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