Chandrapur Municipal Corporation Mayor Election: चंद्रपुर महानगरपालिका में बीते कई दिनों से जारी सत्ता की खींचतान का अंत आखिरकार मंगलवार, 10 फरवरी को हो गया। कांग्रेस को उम्मीद थी कि ठाकरे गुट की शिवसेना के साथ मिलकर वह बीजेपी को सत्ता से दूर रख पाएगी, लेकिन आखिरी समय पर तस्वीर बदल गई। चंद्रपुर महानगरपालिका में हुए मेयर चुनाव में बीजेपी और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने मिलकर सत्ता हासिल कर ली है।
संगीता खांडेकर बनीं मेयर
बीजेपी की संगीता खांडेकर महज एक वोट के अंतर से मेयर चुनी गईं। खास बात यह रही कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने कांग्रेस से दूरी बनाते हुए बीजेपी का समर्थन किया। समझौते के तहत सवा साल के कार्यकाल में पहले सवा साल बीजेपी का मेयर रहेगा, जबकि बाकी सवा साल के लिए शिवसेना का मेयर होगा।
आपसी मतभेदों से भाजपा को फायदा
चंद्रपुर महानगरपालिका में उद्धव गुट के कुल 6 पार्षद हैं, जिन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर यह समीकरण बनाया। वोटिंग के दौरान वंचित के दो पार्षद मौजूद नहीं थे, जबकि AIMIM का एक पार्षद तटस्थ बना रहा। इस पूरे घटनाक्रम में चंद्रपुर की सांसद प्रतिभा धानोरकर और कांग्रेस नेता विजय वड़देट्टीवार के बीच चल रहे आपसी मतभेदों का फायदा भी बीजेपी को मिला।
अबू आसिम आजमी ने दी प्रतिक्रिया
उधर, चंद्रपुर में उद्धव ठाकरे गुट द्वारा कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी से हाथ मिलाने पर समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आजमी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति में अब न तो कोई विचारधारा बची है और न ही कोई स्पष्ट सोच। जहां जिसको फायदा नजर आता है, वहीं जाकर गठबंधन कर लिया जाता है। आजमी ने यह भी कहा कि कई लोग इस डर से चुप हैं कि विरोध करने पर उन्हें जेल भेज दिया जाएगा।
किसके पास हैं सबसे ज्यादा सीटें?
जानकारी के मुताबिक, 66 सदस्यीय चंद्रपुर महानगरपालिका में कांग्रेस के पास 27 सीटें हैं, वहीं, जनविकास सेना के 3, बीजेपी के 23, शिंदे गुट की शिवसेना की 1, ठाकरे गुट की शिवसेना की 6, वंचित के 2, बसपा की 1, कांग्रेस बागी 2 और एमआईएम की 1 सीट है। ऐसे में, इसी गणित ने अंत में सत्ता संतुलन की दिशा बदल दी।
