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दिल्ली में पॉलिटिकल साइंस कॉन्क्लेव, समकालीन भारत के राजनीतिक मुद्दों पर हुआ मंथन

दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पॉलिटिकल साइंस कॉन्क्लेव में देशभर के विद्वानों, नीति विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने समकालीन भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन से जुड़े मुद्दों पर गहन मंथन किया। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार ने किया, कई प्रमुख बुद्धिजीवियों और नीति विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों में अपने विचार मंच पर साझा किए।

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आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागियों और 50 से ज्यादा वक्ताओं ने भाग लिया

पॉलिटिकल साइंस सोसाइटी द्वारा India International Centre में पॉलिटिकल साइंस कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से आए विद्वानों, नीति विशेषज्ञों और पेशेवरों ने समकालीन भारत में राजनीतिक चिंतन और सार्वजनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार-विमर्श किया।

कॉन्क्लेव का उद्घाटन भारत सरकार के शिक्षा तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार (Sukanta Majumdar) ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उद्घाटन सत्र में राम माधव (Ram Madhav) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विनय सहस्रबुद्धे (Vinay Sahasrabuddhe) तथा संजीव चोपड़ा (Sanjeev Chopra) विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सत्र की अध्यक्षता प्रख्यात राजनीतिक वैज्ञानिक और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर प्रो. एम.पी. सिंह ने की।

दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में अनेक प्लेनरी सत्रों और विषयगत चर्चाओं का आयोजन किया गया, जिनमें शिक्षाविदों, नीति संस्थानों, मीडिया और नागरिक समाज से जुड़े प्रमुख वक्ताओं ने भाग लिया। प्रमुख प्रतिभागियों में पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के डॉ. एम.आर. माधवन, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के डॉ. निरंजन साहू, प्रसिद्ध लेखक और चिंतक गुरचरण दास (Gurcharan Das) तथा अर्थशास्त्री अश्वनी महाजन (Ashwani Mahajan) शामिल रहे।

सत्रों में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. अशोक आचार्य, प्रो. पंपा मुखर्जी तथा प्रो. अशुतोष कुमार जैसे वरिष्ठ शिक्षाविदों ने भी अपने विचार साझा किए। इसके अलावा हैन्स साइडल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों तथा इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमैनिटीज की सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् शुभ्रा रंजन की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। देशभर के कई विश्वविद्यालयों के कुलपति और वरिष्ठ शिक्षाविदों ने भी इन चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी निभाई।

कॉन्क्लेव का समापन सत्र राम बहादुर राय (Ram Bahadur Rai), के.एन. श्रीवास्तव (K. N. Srivastava), जाजपुर से सांसद आर.एन. बेहेरा (R. N. Behera) तथा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की उपस्थिति में आयोजित हुआ।

प्लेनरी सत्रों के अतिरिक्त इस सम्मेलन में India Foundation, Rishihood University, मिरांडा हाउस (दिल्ली विश्वविद्यालय), हिंदू कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय), ग्राउंड जीरो कंसल्टिंग और मंथन लर्निंग के सहयोग से विशेष ट्रैक सत्रों और कार्यशालाओं का आयोजन भी किया गया, जिनमें नीति नवाचार, नेतृत्व और संस्थागत विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

सम्मेलन के अकादमिक खंड में 12 समानांतर सत्रों में 150 से ज्यादा शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। कुल मिलाकर इस आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागियों और 50 से ज्यादा वक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें शिक्षाविद, गैर-लाभकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और मीडिया पेशेवर शामिल थे।

इस कॉन्क्लेव के संयोजक दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की अध्यक्ष वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. रेखा सक्सेना थीं, जबकि सह-संयोजक के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. स्वदेश सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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