दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे को भले ही दिल्ली का नाम मिला हो, लेकिन अभी दिल्ली के लोगों को इसका इस्तेमाल करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस दौरान दिल्ली के लोग कई बार ट्रैफिक जाम से जूझते हुए देश के इस सबसे लंबे एक्सप्रेसवे तक पहुंचते हैं। दिल्ली-एनसीआर को लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने और क्षेत्र के प्रमुख शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए DND–फरीदाबाद–सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे का शुरू होना जरूरी है। इसके लिए कोशिशें अब तेज हो गई हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कल यानी मंगलवार 19 मई को इस महत्वकांक्षी परियोजना का निरीक्षण किया। गडकरी के अनुसार वह आज यानी बुधवार 20 मई को इस परियोजना के उद्घाटन का निमंत्रण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देंगे।
देहरादून ही नहीं जयपुर भी ढाई घंटे की दूरी पर
NHAI अधिकारियों के अनुसार इस हाईवे के खुल जाने के बाद सराय काले खां से फरीदाबाद की दूरी मात्र 20 मिनट में, मानेसर 45 मिनट में और जयपुर की दूरी महज ढाई घंटे में तय हो जाएगी। ज्ञात हो कि हाल ही में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भी हुआ है, जिसने इन दोनों शहरों की दूरी को मात्र ढाई घंटे में समेट दिया है। DND–फरीदाबाद–सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के खुल जाने के बाद जयपुर और देहरादून दो शहर ऐसे शहर होंगे, जहां दिल्ली से ढाई घंटे में पहुंचा जा सकेगा।
59 किमी लंबा होगा ये हाईवे
बता दें कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना का अहम हिस्सा DND–फरीदाबाद–सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे की कुल लंबाई 59 किमी है। इसे कुल 4463 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। मंगलवार को इसके निरीक्षण के दौरान कई केंद्रीय मंत्री, सांसद और दिल्ली व हरियाणा सरकार के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
NCR के कई शहरों को जोड़ेगा यह हाईवे
DND–फरीदाबाद–सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे दिल्ली के साथ ही नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यही नहीं यह हाईवे ग्रेटर नोएडा के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक भी पहुंच आसान बनाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान बनाने के लिए तो इस हाईवे को बनाया ही जा रहा है, तो यह सुविधा तो होगी ही। बता दें कि इस परियोजना को भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया जा रहा है। 6 लेन के इस एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के शुरू हो जाने से यहां गाड़ियों की तेज और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी।

डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे की एरियल तस्वीर (फोटो- x.com/DetoxTravellerr)
DND–फरीदाबाद–सोहना का मुख्य आकर्षण
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात और आकर्षण 140 मीटर लंबा नेटवर्क आर्च ब्रिज है, जो आगरा नहर के ऊपर बनाया जा रहा है। इसे देश के सबसे आधुनिक स्टील ब्रिज संरचनाओं में से एक माना जा रहा है। टाईड-आर्च तकनीक और क्रॉस्ड हैंगर सिस्टम के साथ इस ब्रिज को बनाया जा रहा है, जो इसे मजबूती देने के साथ ही यात्रियों को सुरक्षा की भावना से भी भर देगा। यही नहीं प्रीकास्ट सेगमेंटल कंस्ट्रक्शन, हाई-स्ट्रेंग्थ स्टील व आधुनिक एक्सपेंशन जॉइंट्स जैसी तकनीकों का इस्तेमाल भी यहां किया जा रहा है।
गाजीपुर के कूड़े से बनाई गई सड़क
इस सड़क परियोजना को बनाने में पर्यावरण संरक्षण का विशेष तौर पर ध्यान रखा गया है। यहां पर ओखला और गाजीपुर लैंडफिल साइट से निकाले गए लगभग 2 लाख मीट्रिक टन इनर्ट मटेरियल का इस्तेमाल करके सड़क बनाई गई है। इसके साथ ही हाईवे पर साउंड बैरियर, पौधरोपण और ग्रीन बेल्ट भी विकसित की जा रही है।
जेवर एयरपोर्ट को मिलेगी डायरेक्ट कनेक्टिविटी
इस परियोजना के साथ जुड़कर नोएडा इंटरनेशल एयरपोर्ट को सीधी और तेज कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए बकायदा फरीदाबाद के चंदावली गांव से ग्रेटर नोएडा के दयानापुर तक 31 किमी लंबा नया एक्सप्रेसवे भी बनाया जा रहा है। DND–फरीदाबाद–सोहना हाईवे को अभी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है और भविष्य में यह यमुना एक्सप्रेसवे व ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा।
DND–फरीदाबाद–सोहना पर चार बड़े इंटरचेंज
6 लेन की इस परियोजना पर चार बड़े इंटरचेंज, एक एलिवेटेड कॉरिडोर और 8 लेन रेलवे ओवरब्रिज भी शामिल हैं। बता दें कि यह सभी संरचनाएं फरीदाबाद, गुरुग्राम, साउथ दिल्ली और नोएडा एयरपोर्ट के बीच यात्रा को बहुत ही सुगम बना देंगे। जानकारों के अनुसार यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा देगा। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
