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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, अब NCR में दौड़ेंगे सिर्फ CNG और EV वाहन; कैब-डिलिवरी कंपनियों के लिए नए नियम लागू

हरियाणा सरकार ने NCR क्षेत्र में कैब, डिलिवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नए एग्रीगेटर लाइसेंस नियमों को मंजूरी दी है। 1 जनवरी 2026 से नए पेट्रोल-डीजल वाहनों पर रोक रहेगी और सिर्फ सीएनजी, इलेक्ट्रिक या अन्य स्वच्छ ईंधन वाले वाहन शामिल किए जाएंगे। सरकार ने EV को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने पर जोर दिया है।

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Haryana EV policy

हरियाणा सरकार ने बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को नए एग्रीगेटर लाइसेंस नियमों को मंजूरी देते हुए तय किया है कि 1 जनवरी 2026 से एनसीआर में कैब, डिलिवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों के बेड़े में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक या अन्य स्वच्छ ईंधन वाले वाहन ही शामिल होंगे। सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर परिवहन व्यवस्था के लिए भी कई नए नियम लागू किए हैं।

CM सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993 के तहत एग्रीगेटर लाइसेंस देने संबंधी नियमों को मंजूरी दी गई। यह मंजूरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशानिर्देशों तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुरूप दी गई है। सीएक्यूएम ने पिछले साल जून में निर्देश दिया था कि एक जनवरी, 2026 से दिल्ली-एनसीआर में संचालित कैब एग्रीगेटर, डिलिवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों के बेड़े में नए पेट्रोल या डीजल वाहन शामिल नहीं किए जाएंगे।

पेट्रोल-डीजल वाहनों पर रोक

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह फैसला स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने और एनसीआर के जिलों में वायु गुणवत्ता सुधारने के मकसद से लिया गया है। बयान में कहा गया, "संशोधित नियमों के तहत एक जनवरी, 2026 से एनसीआर क्षेत्रों में एग्रीगेटर, डिलिवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स इकाइयों के बेड़े में शामिल किए जाने वाले सभी वाहन अनिवार्य रूप से सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), बैटरी चालित वाहन (बीओवी) या अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित होंगे।"

मंत्रिमंडल ने हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993 के नियम 86ए में संशोधन को भी मंजूरी दी, ताकि राज्य में ऐप आधारित यात्री एग्रीगेटर और डिलिवरी सेवा प्रदाताओं के लिए व्यापक नियामकीय ढांचा तैयार किया जा सके। नए प्रावधानों में एग्रीगेटर और डिलिवरी सेवा प्रदाताओं के लिए अनिवार्य लाइसेंस, चालकों और वाहनों के पंजीकरण मानदंड, यात्रियों की सुरक्षा उपाय, शिकायत निवारण प्रणाली, प्रशिक्षण कार्यक्रम, चालकों और यात्रियों के लिए बीमा कवर, ऐप के लिए साइबर सुरक्षा अनुपालन और किराया विनियमन शामिल हैं।

मंजूर नियमों के अनुसार, एग्रीगेटर और डिलिवरी सेवा प्रदाताओं को यात्रियों के लिए न्यूनतम पांच लाख रुपये का बीमा कवर, चालकों के लिए कम से कम पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और पंजीकृत चालकों के लिए न्यूनतम 10 लाख रुपये का सावधि बीमा सुनिश्चित करना होगा। नियमों के तहत संबंधित वाहनों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, पैनिक बटन, प्राथमिक उपचार किट और अग्निशामक यंत्र लगाना भी अनिवार्य किया गया है। एग्रीगेटर को यात्रियों की सहायता और शिकायत निवारण के लिए 24 घंटे नियंत्रण कक्ष और कॉल सेंटर स्थापित करने होंगे।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स छूट की तैयारी

पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने के लिए नियमों में वाहन और चालक संबंधी विवरण का ’वाहन’ और ’सारथी’ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल सत्यापन करने का प्रावधान किया गया है। इस बीच, मंत्रिमंडल की बैठक से पहले हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत कर छूट देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।

500 इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगी सरकार

विज ने संवाददाताओं से कहा, "चंडीगढ़ और दिल्ली की तर्ज पर हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत कर छूट देने का प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।" वर्तमान में हरियाणा सरकार ईवी पंजीकरण शुल्क पर 20 प्रतिशत की रियायत देती है। उन्होंने कहा कि यदि ईवी पर कर राहत दी जाती है तो लोगों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ेगा। विज ने यह भी कहा कि राज्य सरकार 500 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने जा रही है।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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