पटना

नीतीश कुमार ने आखिर BJP के पूर्व सांसद आरके सिन्हा के पैर क्यों छू लिए? हर कोई देखता रह गया

CM Nitish Kumar Touched RK Sinha's Feet: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें ये देखा जा सकता है कि भाजपा के पूर्व सांसद आरके सिन्हा ने सीएम की तारीफ की, तो गदगद हुए नीतीश ने उनके पैर छू लिए।

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नीतीश कुमार ने आरके सिन्हा के पैर छूए।

Nitish Kumar: बिहार की राजधानी पटना में रविवार को चित्रगुप्त पूजा के अवसर पर एक अलग ही नजारा देखने को मिला। प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा का पैर छूकर उनका अभिनंदन किया। दरअसल, पटना सिटी में नोजर घाट पर स्थित आदि चित्रगुप्त मंदिर में चित्रगुप्त पूजा के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस आयोजन का नेतृत्व पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने किया था।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर मंदिर की व्यवस्थाओं और पुनर्निर्माण कार्य को लेकर विशेष निर्देश दिए थे, जिसके लिए आरके सिन्हा ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरके सिन्हा के धन्यवाद का जवाब देते हुए उनके पैर छूकर सम्मान प्रकट किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

सीएम नीतीश कुमार ने छू लिए आरके सिन्हा के पैर

भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा मंच से कह रहे थे कि सीएम नीतीश कुमार का मंदिर पर विशेष ध्यान है। सीएम नीतीश कुमार के विशेष दिशा-निर्देश के बाद इस मंदिर में व्यवस्था ठीक की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीएम के निर्देश पर ही मंदिर का पुनर्निर्माण संभव हुआ। इसके बाद, नीतीश कुमार अपनी जगह से उठकर आरके सिन्हा की ओर बढ़े और उनका पैर छू लिया। इस दौरान आरके सिन्हा ने उन्‍हें रोकने की कोशिश की और सीएम नीतीश कुमार के कंधे पर हाथ रखकर उन्हें गले लगाने की कोशिश की।

इससे पहले नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी पैर छुए थे। लोकसभा चुनाव के बाद संसद में एनडीए नेताओं की बैठक के दौरान बिहार के मुख्‍यमंत्री ने पीएम मोदी के पैर छुए थे। हालाकि, इस दौरान पीएम मोदी ने उन्‍हें रोकने की कोशिश की थी। उस वक्त कई लोगों ने सीएम के इस कदम की कड़ी आलोचना भी की थी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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