Noida Sector 93 News: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) की नोएडा यूनिट ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क और शेल कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। STF ने सेक्टर 93 स्थित पूर्वांचल सिल्वर सिटी से एक चीनी नागरिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया चीनी नागरिक भारत में वीजा खत्म होने के बावजूद अवैध रूप से रह रहा था और फर्जी भारतीय पहचान पत्र के सहारे रैकेट चला रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चीनी नागरिक लियाओ लोंगहुई, जो फिलहाल सेक्टर 93, नोएडा में रह रहा था, संजीव कुमार (निवासी गाजियाबाद) और कौशलेन्द्र (निवासी औरैया) के रूप में हुई है।
फर्जी पहचान और भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद
नोएडा STF के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) राजकुमार मिश्रा ने बताया कि संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। STF ने आरोपियों के पास से 5 लैपटॉप, 9 मोबाइल, 2 चीनी पासपोर्ट, 10 कंपनियों की मुहरें, 11 बैंक चेकबुक, 4.72 करोड़ रुपये मूल्य के चेक और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चीनी नागरिक लियाओ के पास से "सैमुअल लोथा" नाम का एक जाली आधार कार्ड मिला है, जिस पर फोटो उसकी अपनी लगी हुई थी।
कैसे चल रहा था हवाला का खेल?
जांच में सामने आया कि लियाओ लोंगहुई 2018 में भारत आया था और सेक्टर 83 स्थित YTL मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी चला रहा था। यह कंपनी चीन से महंगे दामों पर कच्चा माल मंगाकर दिल्ली के करोल बाग और नेहरू प्लेस बाजारों में अंडर-इनवॉइसिंग के जरिए मोबाइल कवर बेचती थी। बचे हुए पैसों को हवाला के जरिए चीन वापस भेजा जाता था। लियाओ ने अपनी कंपनी के कर्मचारियों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर कई शेल कंपनियां (जैसे JNS इन्फ्रा हाइट्स, रीफैन एंटरप्राइजेज, टाइडीडेस्क एसेंशियल, जेड वन एंटरप्राइजेज और हनुराज ट्रेडिंग) खड़ी कर ली थीं। इस काम में चार्टर्ड अकाउंटेंट संजीव कुमार और कौशलेन्द्र उसकी मदद कर रहे थे। STF के अनुसार, आरोपी का भारतीय वीजा 2020 में ही समाप्त हो चुका था, जिसके बाद से वह अवैध रूप से रहकर इस वित्तीय अपराध को अंजाम दे रहा था। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
