पटना

बिहार से खफा मानसून! अब तक 30 फीसद कम हुई बारिश; फिर भी बाढ़ झेल रहे कई जिले; आखिर क्यों?

Bihar Flood Reason for Every year: बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 30 फीसदी कम 563.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है। लेकिन फिर भी नदियां उफान पर हैं और कई जिले बाढ़ की चपेट में है। आइए जानते हैं कि बिहार में हर साल बाढ़ क्यों आती है? बिहार में आने वाली बाढ़ का कारण क्या है?

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बिहार में हर साल क्यों आती है बाढ़? (istock)

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Why Bihar is Facing Floods Despite Less Rainfall: एक ओर पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल जैसे राज्यों में जोरदार बारिश हो रही है। वहीं दूसरी ओर बिहार से मानसून खफा नजर आ रहे हैं। प्रदेश में इस सीजन में अब तक 30 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। औसतन यहां 803.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 4 सितंबर तक बिहार में सिर्फ 563.9 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड हुई है। आज भी तेज बारिश होने का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। सिर्फ 6 जिलों में तेज हवाएं चलने और ठनका गिरने की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि बिहार के अलग-अलग हिस्सों में आज बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार में उफान पर बह रही नदियां

बिहार में बारिश की कमी के बावजूद नदियां उफान पर बह रही हैं। दरअसल हिमाचल, उत्तराखंड, यूपी जैसे राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है। जिसके चलते प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। जिसके कारण बिहार समेत कई जिलों में बाढ़ की स्थिति देखने को मिल रही है। इसके अलावा नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण भी बाढ़ के हालत बने हुए हैं। लेकिन बिहार में बाढ़ की वजह नेपाल कैसे हैं, आइए जानते हैं:

बिहार में हर साल क्यों आती है बाढ़

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बिहार के उत्तरी हिस्से में स्थित जिले हर साल बाढ़ का सामना करते हैं। जिसकी वजह से हजारों लोगों के आशियाने तबाह हो जाते हैं। मानसून के सीजन में बिहार में हर साल आधे से ज्यादा जिले बाढ़ का दंश झेलते हैं। जिनमें से 15 जिलों पर बाढ़ का बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं बिहार समेत झारखंड और बंगाल के कुछ हिस्सों में नेपाल के कारण बाढ़ आती है। दरअसल इसका जवाब कोसी नदी है। जिसे बिहार का श्राप भी कहा जाता है।

कोसी को क्यों कहते हैं 'बिहार का शोक'

कोसी नदी, नेपाल में हिमालय से निकलकर बिहार के भीमनगर से होते हुए भारत में प्रवेश करती है। यह नदी बिहार में मुख्य रूप से उत्तरी हिस्से से होकर बहती है। कोसी नदी सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, मधुबनी, खगड़िया सीतामढ़ी, भागलपुर, दरभंगा जैसे जिलों से होकर गुजरती है। यह नदी कटिहार के पास गंगा में मिल जाती है। इस नदी में आने वाली बाढ़ बिहार में कहर बरपाती है। जिसकी वजह से ही कोसी को बिहार का अभिशाप कहा जाता है।

नेपाल में कोसी नदी में पानी बढ़ने पर इसे भारत की ओर छोड़ दिया जाता है। इसके अलावा नेपाल से निकलने वाली गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक जैसी कई नदियां बिहार में बहती है। जिसकी वजह से मानसून के सीजन में नदियों का पानी काफी बढ़ जाता है और ये नदियां बिहार में बाढ़ लेकर आती हैं। जिससे कई जिलों में भारी नुकसान होता है। नेपाल से सेट बिहार के कई जिलों में हर साल बाढ़ का मंजर देखने को मिलता है।

बिहार की बाढ़ से नेपाल का कनेक्शन

नेपाल पहाड़ी देश होने की वजह से बिहार से अधिक ऊंचाई पर स्थित है। जिसकी वजह से इसका पानी भारत की ओर आकर बिहार, झारखंड और बंगाल के हिस्सों में कहर बरपाता है। बंगाल और झारखंड में आने वाली बाढ़ की वजह में भी नेपाल से आने वाली नदियां जिम्मेदार हैं। दरअसल नेपाल से आने वाली नदियों का पानी सहायक नदियों के सहारे गंगा में मिल जाता है। गंगा नदी बिहार, झारखंड और बंगाल से होते हुए भी बहती है। जिसकी वजह से इसका जलस्तर और ज्यादा बढ़ जाता है और बाढ़ का कारण बनता है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारी author

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी... और देखें

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