पटना

Shivdeep Lande: कौन हैं IPS शिवदीप लांडे, जिन्होंने पुलिस सेवा से दिया इस्तीफा

IPS Shivdeep Lande: बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बिहार में कई वर्षों तक पुलिस सेवा में काम किया। बिहार में वह काफी लोकप्रिय हैं और लोग उन्हें सिंघम के तौर पर जानते हैं। आइए, जानते हैं कि कौन है शिवदीप लांडे।

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फाइल फोटो।

Photo : PTI

IPS Shivdeep Lande: बिहार में सिंघम के नाम से मशहूर हो चुके आईपीएस (IPS) अधिकारी शिवदीप लांडे ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वर्तमान में वह पूर्णिया रेंज के आईजी थे, जहां हाल ही में उनका तबादला हुआ था। उनके इस्तीफे के साथ ही अब कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। शिवदीप लांडे बिहार में काफी चर्चित आईपीएस अधिकारी रहे हैं। एक समय था जब उनके नाम सुनते ही अच्छे-अच्छे अपराधी घबरा जाते थे। आलम ये था कि गुंडे और अपराधी में उनके नाम का खौफ पैदा हो चुका था। शिवदीप लांडे ने बिहार की राजधानी पटना समेत कई जिलों में पुलिस सेवा में काम किया है। अपने कार्यकाल में उन्होंने कई दुर्दांत अपराधियों को सलाखों के अंदर डाला है और कई खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम दिया है। आइए, जानते हैं कि कौन हैं बिहार में सिंघम के नाम से मशहूर हो चुके आईपीएस शिवदीप लांडे।

कौन हैं शिवदीप लांडे?

शिवदीप लांडे मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उनका कैडर बिहार रहा है। वह 2006 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी रह चुके हैं। उनको बिहार कैडर मिला था और बिहार में रहने के दौरान शिवदीप लांडे ने राजधानी पटना, अररिया, पूर्णिया और मुंगेर जिलों में पुलिस अधिकारी के तौर पर काम किया।

शिवदीप लांडे की पटना में एसपी के तौर पर पोस्टिंग हुई थी, तब वह काफी लोकप्रिय हुए थे। अपने कार्यकाल में उन्होंने कई अपराधियों को पकड़ा है। हालांकि, बीच में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर उन्हें महाराष्ट्र पुलिस में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद पर भेजा गया था, जहां वह एंटी नारकोटिक्स सेल, क्राइम ब्रांच, मुंबई में कार्यरत थे। अगर उनकी शादी की बात करें तो शिवदीप लांडे की शादी महाराष्ट्र के नेता विजय शिवतारे की बेटी ममता से हुई है। उनकी एक बेटी है।

बिहार में कैसे हुए थे लोकप्रिय?

बता दें कि शिवदीप लांडे बिहार में काफी लोकप्रिय रहे हैं। उनकी पहली नियुक्ति बिहार के मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र जमालपुर में हुई थी। हालांकि, पटना में एसपी रहने के दौरान ही वह सिंघम बन चुके थे। उस दौर में मनचलों को सबक सिखाना हो या अपराधियों को जेल भेजना हो, सिंघम आईपीएस हर चीज के लिए जाने जाते थे। आलम ये था कि उस दौरान पटना में पढ़ने वाली छात्राओं के पास उनका मोबाइल नंबर जरूर होता था, ताकि जरूरत पड़ने पर वह सीधे आईपीएस शिवदीप लांडे को फोन कर सके।

कहा जाता है कि पटना से जब उनकी पोस्टिंग अररिया की गई थी, तब लोगों में नाराजगी थी। लोग उन्हें पटना से नहीं जाने देना चाह रहे थे। लोगों ने उनका तबादला रोकने के लिए कैंडल मार्च तक निकाली थी। हालांकि, भले ही उनकी पोस्टिंग अररिया हो गई थी, लेकिन वह पटना के लोगों से सीधे संपर्क में रहते थे। उनका मोबाइल नंबर जरूरतमंद लोगों के लिए हमेशा चालू रहता था। यही वजह है कि वह बिहार में इतने लोकप्रिय हुए।

इसके अलावा जब वह रोहतास में पुलिस अधिकारी बनकर गए थे, तब उन्होंने खनन माफियाओं की नींद उड़ा दी थी। उन्होंने खुद ही अवैध स्टोन क्रेशरों को नष्ट किया था, जो किसी फिल्म का सीन लग रहा था। उनकी इस कार्रवाई से माफियाओं में डर पैदा हो गया था। उनका यही मानना था कि उनकी पोस्टिंग कहीं भी हो, गुंडे-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं रुकनी चाहिए।

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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