पटना

Muzaffarpur: यूटरस में इंफेक्शन का इलाज कराने गई तो डॉक्टर ने निकाल ली किडनी, बच्चों को सौंप पति भी छोड़ गया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 30, 2023, 02:11 PM IST

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में एक महिला के साथ एक के बाद एक बड़े धोखे हुए। इंफेक्शन का इलाज कराने गई महिला की पहले दोनों किडनी निकाल ली गई। इसकी जानकारी होने पर पति भी तीन बच्चों को उसे सौंपकर चला गया। बेबस सुनीता पुलिस-प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रही है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी नर्सिंग होम संचालक या उसकी पत्नी की एक किडनी उसे दी जाए, ताकि वह अपने तीनों बच्चों की परवरिश कर सके। अभी सुनीता अस्पताल में भर्ती है।

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मुजफ्फरपुर स्थित अस्पताल में इलाज करा रही सुनीता

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • पुलिस हिरासत में है आरोपी नर्सिंग होम संचालक पवन
  • पीड़िता की मांग- पवन या उसकी पत्नी की दी जाए एक किडनी
  • आरोपी की पत्नी एवं अन्य परिवार वाले फरार

Muzaffarpur Sunita kidney stolen: नर्सिंग होम संचालक एवं डॉक्टर की लापरवाही से चार जिंदगी दांव पर लगी है। यूटरस इंफेक्शन का इलाज कराने गई महिला की दोनों किडनी निकाल ली गई। आरोपी नर्सिंग होम संचालक गिरफ्तार है। उसने कबूला है कि ट्यूमर समझकर डॉ. आरके सिंह ने महिला की दोनों किडनी निकालकर फेंक दी। दूसरी ओर मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच अस्पताल में भर्ती बरियारपुर की 33 वर्षीय सुनीता देवी को पति भी छोड़ गया है। अस्पताल में सुनीता की डायलिसिस चल रही है। पति अकलू राम तीनों बच्चों को भी सुनीता के पास छोड़ गया है। उसने कहा कि तुम जियो या मरो अब हमें मतलब नहीं है।

सुनीता का कहना है कि जब वह स्वस्थ थी तो काम कर खुद बच्चों का पालन-पोषण करती थी, लेकिन अब उसके बच्चों की कौन देखभाल करेगा? गौरतलब है कि महिला का ऑपरेशन 3 सितंबर को शुभकांत क्लिनिक में हुआ था। उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन उसे लेकर पीएमसीएच पहुंचे। यहां 5 सितंबर को उसे पता चला की उसकी दोनों किडनी निकाल ली गई है।

नर्सिंग होम ने लिए थे 30 हजार रुपए

सुनीता के मुताबिक मुजफ्फरपुर के शुभकांत क्लीनिक के डॉक्टर ने उसे बताया था कि ऑपरेशन करना होगा। ऑपरेशन के लिए 30 हजार रुपए लिए थे। पुलिस ने शिकायत पर नर्सिंग होम संचालक पवन को गिरफ्तार भी किया। पवन का कहना है कि किडनी काफी सूजा हुआ था, जिससे लगा की वह ट्यूमर है। दरअसल, नर्सिंग होम संचालक पवन पहले फल बेचता था। वह आठ साल भूटान में रहा है। लॉकडाउन में घर आया था। यहां उसने दवा दुकान खोली। इस बीच उसकी पहचान डॉ. आरके सिंह से हुई और दोनों मिलकर नर्सिंग होम चलाने लगे।

पति का किडनी नहीं किया मैच

एक महीने पहले सुनीता को पति अपनी किडनी को तैयार था। हालांकि उसकी किडनी मैच नहीं की। पीड़िता का कहना है कि उसे पवन या उसकी पत्नी की एक किडनी दी जाए। वहीं, इस प्रकरण के सामने आने के बाद पवन की पत्नी एवं अन्य परिवार वाले फरार हैं। इससे पहले सुनीता पटन स्थित आईजीआईएमएस में भर्ती थी। पिछले दो महीने से वह डायलिसिस पर जिंदा है। इधर, पुलिस ने केस दर्ज मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि यह अंग तस्करी से जुड़ा मामला हो सकता है। जल्द ही मामले को उजागर किया जाएगा।
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