पटना

Sitamarhi: फिर पटरी पर लौटी रीगा चीनी मिल, 40 हजार क्विंटल गन्ने की होगी पेराई; इन जिलों के किसानों को होगा लाभ

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2021 से बंद रीगा चीनी मिल का दोबारा से शुभारंभ कर दिया है। बताया गया कि इस चीनी मिल की स्थापना 1932 में की गई थी। इसके बाद 2021 में यह बंद हो गया। कर्नाटक की एक कंपनी ने इसे अधिग्रहित किया है।

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रीगा चीनी मिल

सीतामढ़ी: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को अपनी 'प्रगति यात्रा' के प्रथम चरण के तीसरे दिन सीतामढ़ी पहुंचे। यहां उन्होंने रीगा चीनी मिल के पुनरुद्धार कार्य का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सीजन 2024-25 के लिए चीनी मिल संचालन का गन्ना का बंडल डालकर इसकी शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने रीगा चीनी मिल के संचालन कार्यों की जानकारी ली और मिल परिसर का जायजा लिया।

1932 में स्थापित हुई थी चीनी मिल

बताया गया कि इस चीनी मिल की स्थापना 1932 में की गई थी। इसके बाद 2021 में यह बंद हो गया। कर्नाटक की एक कंपनी ने इसे अधिग्रहित किया है। जानकारी के मुताबिक वर्तमान में इस मिल की पेराई क्षमता 40 हजार क्विंटल है। इससे आसपास के कई जिले के गन्ना किसानों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने इसके बाद डुमरा प्रखंड के मनियारी गांव के विकास कार्यों का जायजा लिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी जिले के लिए 236 करोड़ 60 लाख रुपए की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इसके तहत 141 करोड़ 12 लाख 92 हजार रुपए की योजनाओं का उद्घाटन तथा 95 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

योग सह ध्यान केंद्र का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने सतुआही पोखर में दो हंसों के जोड़ा को भी छोड़ा तथा योग सह ध्यान केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने तालाब के निरीक्षण के दौरान इसे और खूबसूरत बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने लगाए गए विभिन्न स्टॉल्स का निरीक्षण किया। उन्होंने जीविका दीदियों को 36 करोड़ 57 लाख रुपए का सांकेतिक चेक प्रदान किया। इस दौरान जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसका मुख्यमंत्री ने अवलोकन भी किया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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