Bihar News: लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रिय जनता दल (RJD) से विधायक फतेह बहादुर सिंह ने मां दुर्गा पर आपत्तिजनक बयानबाजी की है। विधायक फतेह बहादुर ने मां दुर्गा को काल्पनिक बताया है और कहा है कि पूजा-पाठ करना फिजूल खर्च है। महिषासुर बहुजन समाज का न्यायिक राजा था। विधायक के इस विवादित बयान के बाद सियासत में उबाल आ गया है।
ब्राह्मणों पर लालू के विधायक ने साधा निशाना
डेहरी के राजद विधायक फतेह बहादुर सिंह का हिंदू आस्था एवं जाति व्यवस्था पर प्रहार लगातार जारी है। उन्होंने देवी दुर्गा के बाद अब 'ब्राह्मण' को टारगेट किया है तथा कहा है कि अंग्रेज भी कहते थे कि 'ब्राह्मणों' में न्यायिक चरित्र नहीं है। इसीलिए अंग्रेजी शासन में 'ब्राह्मणों' को 'जज' नहीं बनाया जाता था। उन्होंने अंग्रेजी कानून का हवाला देते हुए कहा कि सन 1918 में अंग्रेजों ने कानून बनाकर 'ब्राह्मणों' को न्याय व्यवस्था से अलग कर दिया था।
जेडीयू ने आरजेडी विधायक के बयान से किया किनारा
देवी दुर्गा पर आरजेडी विधायक फतेह बहादुर के विवादित बयान से जेडीयू ने किनारा कर लिया है, जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जातिगत गणना में 0.016 प्रतिशत लोगों ने किसी धर्म को नहीं मानने की बात कही है, फतेह बहादुर हो सकता है उसी वर्ग से आते हैं। जेडीयू सभी धर्मों के सम्मान में विश्वास करती है।
आरजेडी विधायक ने की महिषासुर की वकालत
आरजेडी विधायक फतेह बहादुर ने मनु स्मृति का हवाला देते हुए कहा कि मनु स्मृति के अनुसार 'ब्राह्मण' अगर चोरी, डकैती, हत्या, बलात्कार या कितना भी कुकर्म पाप करें, उसे दंडित नहीं किया जा सकता था। लेकिन अंग्रेजों के कारण सामान अपराध के लिए समान सजा की प्रणाली बनाई गई। उन्होंने महिषासुर को 'यादव' जाति का महान राजा बताया।
दुर्गा सप्तशती को बताई बेकार की पुस्तक
राजद विधायक इतने पर भी नहीं रुके उन्होंने वाल्मीकि रामायण का हवाला देते हुए यह साबित करने की कोशिश की किया कि गौतम बुद्ध का प्रादुर्भाव पहले हुआ तथा श्री राम बाद में आए। उन्होंने दुर्गा सप्तशती को बेकार की पुस्तक बताई। बता दें कि पिछले दो दिनों से राजद विधायक देवी दुर्गा को लेकर आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। अब उन्होंने 'ब्राह्मण' जाति पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
