निज़ाम शुगर्स लिमिटेड के एक 65 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी ने ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले का शिकार होकर 20 लाख रुपये गंवा दिए। एक फ़र्ज़ी प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेडिंग शुरू की, विज्ञापनों और फ़ोन कॉल्स के ज़रिए गुमराह होकर, जिसमें दावा किया गया था कि उनकी कंपनी केंद्र सरकार द्वारा पेशेवर ट्रेडिंग में निवेशकों की सहायता के लिए अधिकृत है।
इन दिनों साइबर क्राइम का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। खासकर, ऑनलाइन ठगी के केस रोजना दर्ज किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कोंडापुर निवासी सेवानिवृत्त निजाम शुगर्स अधिकारी कृष्णा रेड्डी वात्रापु (65) ने बड़ा आरोप लगाया है। मीडिया खबरों के हवाले से साइबर अपराधियों ने फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उनसे 20,72,319 की ठगी कर चूना लगा दिया। हालांकि, हैदराबाद साइबरक्राइम पुलिस ने 11 नवंबर 2025 को उनकी शिकायत पर 9pro.com और mudraone.io संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शिकायत के अनुसार, रेड्डी को ऑनलाइन विज्ञापनों और फोन कॉल्स के जरिए यह विश्वास दिलाया गया कि कंपनी केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत है और निवेशकों को प्रोफेशनल ट्रेडिंग में मदद करती है। उन्होंने 9 अक्टूबर 2025 को ट्रेडिंग अकाउंट खोला और पोर्टल पर शुरू में हेरफेर किए हुए मुनाफे दिखाए गए, जिससे वे लगातार निवेश करते रहे। उन्होंने अपने खातों से कई बार पैसे उन बैंक खातों और UPI पर भेजे, जो कंपनी के प्रतिनिधियों ने दिए थे।
नकली ऐप के जरिए और निवेश के लिए दबाव
बाद में ठगों ने “ट्रेडिंग लॉस” बताते हुए अतिरिक्त 8.10 करोड़ की मांग की। जब रेड्डी ने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं, तो उन्हें लोन लेकर निवेश करने का दबाव बनाया गया। अंततः उन्हें एक फर्जी ऐप के माध्यम से और निवेश करने को कहा गया और उन्होंने कुल मिलाकर 20,72,319.55 (भारतीय राशि के बराबर) स्थानांतरित कर दिए। इसके बाद कोई रिटर्न नहीं मिला।
ठगी का एहसास होने पर रेड्डी ने 9pro.com और mudraone.io संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि आरोपी व्यक्तियों और मनी ट्रेल का पता लगाने के लिए जांच जारी है।