पटना

प्रशांत को नहीं मिली मुख्यमंत्री के गांव में एंट्री; नीतीश कुमार के गांव से शुरू करना चाहते थे अभियान

प्रशांत किशोर आज पूरे दिन खबरों में बने रहे। पहले तो आस पार्टी का जन सुराज में विलय हुआ। नेताओं की बयानबाजियां हुईं और अब मुख्यमंत्री के गांव में जाने की कोशिश कर रहे प्रशांत को रोक लिया गया। प्रशांत ने इसपर नाराजगी जताई और दूसरी तरफ प्रशासन पहले से अनुमति ना लेने का हवाला देकर रोकता रहा।

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प्रशांत किशोर को सीएम के गांव में जाने से रोका गया

Photo : Times Now Digital

Nalanda News: रविवार को न सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैतृक गांव कल्याण बिगहा जा रहे थे, पर उन्हें प्रशासन ने गांव में जाने नहीं दिया गया। सैकड़ों समर्थकों के साथ CM के गांव जा रहे प्रशांत को प्रशासन ने परमिशन ना लेने का हवाला देते हुए रोक दिया।

CM के गांव में जा रहे थे PK

आज, रविवार को जन सुराज पार्टी सूत्रधार प्रशांत किशोर नालंदा में मुख्यमंत्री के गांव जा रहे थे लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। नालंदा के गांव कल्याण विगहा से 'बदलाव का हस्ताक्षर' अभियान की शुरुआत के लिए सैकड़ों समर्थकों के साथ प्रशांत वहां पहुंचे थे। पुलिस कर्मियों ने प्रशांत और उनके दलबल को गांव में प्रवेश के पहले ही रोक लिया। इस दौरान प्रशासन और प्रशांत किशोर के बीच तीखी बहस भी हुई। प्रशांत किशोर ने कहा कि हम बस यह देखना चाहते हैं कि अगर नीतीश जी के गांव में किसी को योजना का फायदा मिला है, तो उनसे मिलें और बात करें। प्रशांत किशोर ये बात कहते रहे कि हमारा कार्यक्रम पहले से तय है लेकिन दूसरी तरफ से पुलिस अड़ी रही।

नीतीश पर साधा निशाना

उनका कहना है कि गांव के परिवारों को सरकार की योजनाओं का फायदा नहीं मिल रहा है। जब पुलिस ने उन्हें रोका, तो प्रशांत ने चार लोगों के साथ जाने की बात कही। प्रशांत ने कहा कि "हमें जानकारी है कि यहां धारा 144 लागू नहीं है। यह लोकतांत्रिक देश है। किसी गांव में जाने और लोगों से मिलने पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए।" उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, "जहां तक मुझे पता है धारा 144 लागू नहीं है। देश में लोकतंत्र है, किसी गांव में जाने के लिए किसी से मिलने के लिए कोई रोक नहीं हैं। अगर सरकार को अपने ही गांव में लोगों से मिलने देने में डर लग रहा है, तो फिर पूरे बिहार के 40 हजार गांवों को बंद कर देना चाहिए।"

अनुमति नहीं लेने के कारण रोका गया

बिहारशरीफ के एसडीओ काजले वैभव नितिन ने इस मुद्दे पर मीडिया को यह बताया कि पहले से पार्टी के द्वारा किसी तरीके का परमिशन नहीं लिया गया है। जिसकी वजह से किसी को भी गांव में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने बताया बिहार शरीफ के श्रम कल्याण मैदान में जनसुराज की तरफ से आठ हजार लोगों के बीच जनसभा करने का आवेदन दिया था जिसकी परमिशन दी गई है। कल्याण विगहा गांव में कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। सुरक्षा कारणों से लोगों को गांव के अंदर प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई है और भारी संख्या में पुलिस बल को लगाया गया है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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