पटना

बिहार में भले ही गरीबी हो लेकिन हम हर साल आगे बढ़ रहे हैं, बिहार दिवस पर बोले सीएम नीतीश कुमार

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 22, 2023, 10:26 PM IST

Bihar Diwas 2023 : बिहार दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हम जाति आधारित जनगणना कर रहे हैं ताकि लोगों के विकास के लिए विभिन्न योजना बनाने में आसानी हो। साथ उन्होंने कहा कि हम जो काम करते हैं मीडिया उसे कवर नहीं करता है।

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बिहार दिवस समारोह में नीतीश कुमार

Photo : ANI

Bihar Diwas 2023 : पटना में बिहार दिवस समारोह को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि युवा शक्ति बिहार की प्रगति है। बिहार में भले ही गरीबी है लेकिन बिहार में विकास की स्थिति हर साल आगे बढ़ रही है। बिहार को विशेष दर्जा मिलना चाहिए, हम केंद्र से यह मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जनसांख्यिकी को समझने और विभिन्न समूहों को लक्षित करने वाली विभिन्न योजनाएं बनाने के लिए जाति आधारित जनगणना कर रहे हैं। हम आपको सुनिश्चित करते हैं कि हम बिहार के विकास के लिए काम करें। हम जो काम करते हैं मीडिया उसे कवर नहीं करता बल्कि कौन सा काम नहीं किया गया है उसे कवर करता है।

उधर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के लोगों को बधाई दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिहार के स्थापना दिवस पर राज्य के लोगों को बधाई दी और इस गौरवशाली भूमि की लोकतंत्र की जननी के रूप में सराहना की। राष्ट्रपति ने ट्वीट किया कि बिहार दिवस पर राज्य के सभी निवासियों को शुभकामनाएं। भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और गुरु गोविंद सिंह जी से जुड़ी यह गौरवमयी धरती, लोकतंत्र की जननी भी है। बिहार के परिश्रमी एवं प्रतिभावान लोग विकास और समृद्धि की नयी गाथाएं लिखेंगे, यह मेरा दृढ़ विश्वास है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि बिहार दिवस पर राज्य के मेरे सभी भाई-बहनों को बहुत-बहुत बधाई! अपने समृद्ध इतिहास और जीवंत संस्कृति के लिए प्रसिद्ध बिहार के लोग देश के विकास के लिए हर क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दे रहे हैं। अपनी लगन और कठिन परिश्रम से उन्होंने एक विशेष पहचान बनाई है।

दूसरी ओर बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राज्य के निवासियों के योगदान और उपलब्धि का जश्न अमेरिका में भारत के महावाणिज्य दूतावास में मनाया गया। बिहार फाउंडेशन ऑफ यूएसए (पूर्वी तट) ने बिहार दिवस कार्यक्रम की मंगलवार को मेजबानी की और इस दौरान यहां जुटे भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने अपने घरों की याद को ताजा किया। इस विशेष मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विशेष वीडियो संदेश प्रसारित किया गया।

उन्होंने अपने संदेश में कहा कु हमें गर्व है कि हमारा जीवंत और सक्रिय समुदाय बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उपलब्धियों को बिहार दिवस के उत्सव के दौरान इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा कर रहा है। उन्होंने राज्य की विरासत और पंरपरा को अमेरिका में प्रोत्साहित करने और स्वयंसेवी व धमार्थ कार्यों में विस्तृत योगदान के लिए बिहार फाउंडेशन ऑफ यूएसए की कोशिशों की प्रशंसा की।

न्यूयॉर्क में भारत के वाणिज्यदूत रंधीर जायसवाल ने अमेरिका में राज्य के मूल लोगों के योगदान और धमार्थ गतिविधियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अपने गृह राज्य की बेहतरी के लिए कार्य करने की प्रतिबद्धता और उत्सुकता जिसका लक्ष्य बिहार-2.0 है वर्ष 2023 में प्राप्त होगी। इस मौके पर लिट्टी चोखा जैसे पांरपरिक व्यंजनों को परोसा गया और झिझिया गीत और नृत्य का आयोजन किया गया। स्थानीयों बोलियों के बीच अमेरिका में रह रहे लोगों ने अपने घर और बचपन की याद ताजा की।

बिहार फाउंडेशन ऑफ यूएस (पूर्वी तट अध्याय) के अध्यक्ष और फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य सदस्यों के बीच सेतु का काम करना और मार्गदर्शन करना है जो अपने राज्य का विकास और सामाजिक परियोजनाओं में भूमिका निभाना चाहते हैं।

इस मौके पर राज्य के तीन लोगों को उनके योगदान के लिए‘बिहार विश्व गौरव’ से सम्मानित किया गया जिनमें समाजशास्त्री और पद्मभूषण से सम्मानित सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ. विंदेश्वर पाठक, उद्यमी और पोखरमा फाउंडेशन के प्रमुख अजय सिंह और व्हाइट हाउस प्रेस पूल के सदस्य व पत्रकार ललित झा शामिल हैं। इस मौके पर सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने वीडियो संदेश में सभी को बधाई दी। (एजेंसी इनपुट के साथ)

रामानुज सिंह
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रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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