पटना

Bihar: पीजी में इन नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी, लड़की की मौत के बाद आया बड़ा फरमान

PG Rule in Bihar: बिहार में पीजी हॉस्टल संचालकों को सभी तय नियमों का पालन करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की बात कही गई है।

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प्रतिकात्मक फोटो

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

PG Rule in Bihar: हाल ही में बिहार की लड़की की हत्या के बाद पीजी संचालकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बीबीएमपी अधिनियम 2020 के तहत सभी पेइंग गेस्ट आवास संचालकों को लाइसेंस के नियमों का पालन करने के लिए जरूरी निर्देश दिए गए हैं। इस नियम के तहत हॉस्टल में लगे प्रत्येक सीसीटीवी कैमरे के 90 दिनों तक के फुटेज इत्यादि सहेज कर रखने होंगे। सभी प्रवेश, निकास और गलियारे में सीसीटीवी निगरानी होनी आवश्यक किया गया है।

कहा गया कि संबंधित पीजी भवन में मानदंडों के अनुसार, कमरे का स्पेस 70 वर्ग फुट से कम जगह पर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा साफ और स्वच्छ वॉश रूम रखने होंगे। साथ ही छात्र-छात्राओं या अन्य गेस्ट को पीने योग्य पानी उपलब्ध कराना होगा। यदि उक्त पीजी में सामूहिक रसोई है तो उसे बीबीएमपी से प्राप्त बिजनेस लाइसेंस लेने के 3 महीने के भीतर एफएसएसएआई लाइसेंस भी प्राप्त करना होगा। सुरक्षा के लिहाज से हॉस्टल में कम से कम एक सुरक्षा गार्ड की चौबीस घंटे तैनाती अनिवार्य की गई है। इसके अलावा अग्निशमन, चिकित्सा इत्यादि की व्यवस्था पूरी होनी चाहिए।

यहां सभी एचओ, एमओएच और एसएचआई को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में सभी सुविधाओं के लिए 6 महीने में एक बार निगरानी करें और जोनल आयुक्त उपर्युक्त दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। यदि कोई इन नियमों को उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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