Bihar Assembly Election 2025: पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन यादव उर्फ पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा किया है। उनके मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी NDA के तहत नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी और इसका इशारा उन्होंने गठबंधन के भीतर से ही नेतृत्व पर लगाए जा रहे आरोपों से किया। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए उन्होंने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर भी सवाल उठाए।
क्या कहा सांसद ने
सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान सांसद पप्पू यादव ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दी गई सलाह पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कि बिहार में हो रही घटनाएं और बिगड़ती कानून व्यवस्था नीतीश कुमार की विश्वसनीयता और व्यक्तित्व को नुकसान पहुंचाने की भाजपा की कोशिश का हिस्सा हैं। एक तरफ उपेंद्र कुशवाहा और दूसरी तरफ चिराग पासवान दोनों सरकार से सवाल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, " गठबंधन धर्म के नाम पर वे उसी नेतृत्व पर हमला करते रहे हैं जिसके नेतृत्व में उनकी चुनाव लड़ने की योजना है। मेरे विचार से, यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वे नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव नहीं लड़ेंगे।"
सांसद ने आगे कहा, " मुझे लगता है कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री घोषित कर NDA चुनाव नहीं लड़ने वाली है। नीतीश कुमार भाजपा के लिए तभी तक उपयोगी हैं जब तक चुनाव नहीं हो जाते। चुनाव से पहले या फिर चुनाव के बाद नीतीश कुमार को निपटा दिया जाएगा।"
SIR पर भी साधा निशाना
इसी के साथ उन्होंने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए आयोग SIR का बहाना बना रहा है। BLO गांवों में जा ही नहीं रहे हैं। मेरे इलाके में ही 22-24 गांवों में BLO नहीं गए, फिर भी मनमाने ढंग से नाम जोड़ दिए गए। मैं इसे चुनौती देता हूं, जो लोग दिल्ली में हैं, उनके नाम यहां जुड़ गए हैं। और ये सिर्फ एक-दो लोगों की बात नहीं है, ऐसे लाखों लोग हैं।
"जहां भाजपा को वोट नहीं, वहां कट रहे नाम"
पप्पू यादव ने कहा कि SIR के जरिए चुनाव आयोग वहां वोट काट रहा है जहां भाजपा को वोट नहीं पड़ते हैं। यह एक साजिश है। हमारे नेता राहुल गांधी और पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट हैं। हम सुप्रीम कोर्ट, संसद और सड़कों पर इसके खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने इसका भी जिक्र किया कि SIR के माध्यम से बिहार के वोटरों पर हमला किया गया है। बिहार के बाद असम और बंगाल में यह कार्य किए जाने की संभावना है।
